ECMS Scheme को बड़ी मंज़ूरी Electronics Manufacturing को मिलेगा नया रफ्तार
भारत में Electronics Manufacturing को तेज़ी से आगे बढ़ाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। Electronic Component Manufacturing Scheme (ECMS) के तहत 22 नए प्रस्तावों को आधिकारिक मंज़ूरी दे दी गई है। इन परियोजनाओं के ज़रिये देश में लगभग ₹41,863 करोड़ का निवेश आने की उम्मीद है, जिससे भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बड़ा सहारा मिलेगा।
Dixon, Motherson और Hindalco समेत दिग्गज कंपनियों को मंज़ूरी
ECMS Scheme के अंतर्गत जिन कंपनियों के प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है, उनमें Dixon Technologies, Motherson Group, Hindalco और BPL जैसी प्रमुख इंडस्ट्री लीडर्स शामिल हैं।
सरकारी अनुमानों के मुताबिक, इन परियोजनाओं से करीब ₹2,58,152 करोड़ का कुल Production Value तैयार होगा।
इसके अलावा, इन निवेशों के माध्यम से लगभग 33,791 लोगों को Direct Employment मिलने की संभावना जताई गई है, जो देश के रोजगार सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

इन Electronic Components का होगा निर्माण
ECMS के तहत मंज़ूरी प्राप्त कंपनियां विभिन्न Advanced Electronic Components का निर्माण करेंगी, जिनमें शामिल हैं
- Capacitors
- Lithium-Ion Cells (Electronic Devices के लिए)
- Copper-Clad Laminates
- Enclosures
- Anode Materials
- Connectors
- Display Modules
- Camera Modules
ये Components आने वाले समय में Electronics Manufacturing Ecosystem की रीढ़ साबित होंगे।
11 कैटेगरी के Electronic Products को मिलेगा सीधा फायदा
इस योजना के अंतर्गत कुल 11 प्रकार के Electronic Products को कवर किया गया है। इन Components का उपयोग मुख्य रूप से निम्न सेक्टर्स में किया जाएगा
- Mobile Manufacturing
- Telecom Equipment
- Automobile Electronics
- Consumer Electronics
- Strategic & Defence Electronics
इससे भारत की Electronics Value Chain पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।
कई राज्यों में फैली होंगी ECMS की परियोजनाएं
सरकार ने इन परियोजनाओं को देश के अलग-अलग राज्यों में विकसित करने की योजना बनाई है। प्रमुख राज्य हैं
- Andhra Pradesh
- Haryana
- Karnataka
- Madhya Pradesh
इसके अलावा Maharashtra, Tamil Nadu, Uttar Pradesh और Rajasthan में भी कई यूनिट्स स्थापित की जाएंगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
Domestic Supply Chain होगी मजबूत, Import पर निर्भरता घटेगी
सरकार का मानना है कि ECMS के तहत मंज़ूर की गई ये परियोजनाएं भारत की Domestic Supply Chain को मज़बूत करेंगी और Electronics Components के लिए Imports पर निर्भरता कम होगी।
यह कदम भारत को एक Global Electronics Manufacturing Hub के रूप में स्थापित करने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।
2026 से शुरू होंगी Semiconductor Manufacturing Units
केंद्रीय Electronics और IT Minister अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि 2026 से भारत में चार बड़ी कंपनियां Semiconductor Units शुरू करेंगी। इनमें शामिल हैं
- Micron
- Kaynes
- CG Electronics
- Tata Electronics
ये कंपनियां भारत में Chips Manufacturing को नई ऊंचाई देंगी।
MSMEs और Educational Institutions को जोड़ने पर सरकार का ज़ोर
अश्विनी वैष्णव ने यह भी सुझाव दिया कि ECMS Scheme के तहत चयनित कंपनियां Industry Bodies के साथ मिलकर Educational Institutions में Standard Design Facilities विकसित करें।
इस पहल से खासतौर पर MSMEs को टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और रिसर्च का सीधा लाभ मिलेगा।
