2025 में FII Record Selling

2025 में FII Record Selling भारतीय शेयर बाजार पर असर

भारतीय शेयर बाजार 2025 में FII (Foreign Institutional Investors) की आक्रामक बिकवाली का गवाह बन रहा है। अब तक FIIs ने ₹2 लाख करोड़ से अधिक के शेयर बेचे हैं। साल खत्म होने में अभी 3 महीने बाकी हैं और यह बिकवाली पिछले सभी रिकॉर्ड्स को पार कर चुकी है।

तुलना करें तो 2024 में FII ने ₹1.21 लाख करोड़ की सेलिंग की थी।


FII Selling की मुख्य वजहें

  • कंपनियों की Earnings Growth में सुस्ती
  • ऊंचे Valuations
  • रुपये की कमजोरी
  • भू-राजनीतिक तनाव
  • विदेशों में बेहतर निवेश अवसर

SEBI Regulations का दबाव

2024 में SEBI ने कुछ FPIs को High Risk कैटेगरी में रखा और नियम कड़े किए।

  • किसी भी एक कॉरपोरेट ग्रुप में 50% से ज्यादा निवेश या ₹25,000 करोड़ से ज्यादा होल्डिंग वाले फंड्स को 9 सितंबर 2024 तक Beneficial Ownership Disclosure करना जरूरी था।
  • ऐसा न करने पर लाइसेंस कैंसिल होने का खतरा था।

इस कारण कई फंड्स ने निवेश कम कर दिया और बाजार में Volatility बढ़ गई


Policy Support का असर क्यों नहीं हुआ?

हालांकि सरकार ने Tax Cuts, Monetary Policy Easing और GST 2.0 जैसे कदम उठाए, लेकिन FII Sentiment नहीं बदला।
I-Analysis के Indranil Sengupta का कहना है कि FPI तभी लौटेंगे जब Valuation आकर्षक और Earnings मजबूत होंगी।


Global Markets बनाम Indian Markets

FII की बिकवाली के कारण भारतीय बाजार Global Peers से पिछड़ गए

  • Sensex (2025) → +0.4% (Dollar terms)
  • Nifty (2025) → +1%

जबकि ग्लोबल इंडेक्स कहीं ज्यादा मजबूत रहे:

  • S&P 500 → +14%
  • Dow Jones → +9%
  • FTSE 100 → +24%
  • DAX (Germany) → +37%
  • CAC 40 (France) → +22%

एशियाई बाजार

  • Shanghai → +18%
  • Hang Seng → +34%
  • Nikkei → +20%
  • KOSPI → +57%
  • Taiwan Index → +22%

IPO Market में FII की दिलचस्पी

दिलचस्प बात यह है कि

  • लिस्टेड शेयरों में FII सेलिंग जारी है।
  • लेकिन IPO Market में निवेश हो रहा है

2025 में अब तक FIIs ने ₹44,180 करोड़ IPOs में लगाए।
2024 में यह आंकड़ा ₹1.22 लाख करोड़ था।


DII की मजबूत खरीदारी

DIIs (Domestic Institutional Investors) ने 2025 में अब तक ₹5.3 लाख करोड़ की रिकॉर्ड खरीदारी की है।
2024 में यह ₹5.27 लाख करोड़ थी।

DIIs की मजबूती का आधार

  • Pension Funds
  • Insurance Companies
  • EPFO Flows
  • ELSS-linked Products

Experts की राय और निवेशकों के लिए सलाह

  • Experts मानते हैं कि जब तक भारत की Growth और Earnings Outlook मजबूत नहीं होगी, FII Selling जारी रह सकती है।
  • हालांकि Antique Broking का मानना है कि FPI की बिकवाली अब अंतिम चरण में है और अमेरिकी टैरिफ विवाद सुलझने पर नया पैसा भारत में आ सकता है।

Retail Investors के लिए Tips

  • धैर्य रखें और Panic Selling से बचें।
  • SIP और STP पर टिके रहें।
  • Portfolio Diversification बनाए रखें।

सेक्टर्स पर असर

Low FPI sectors (कम दबाव वाले) Capital Goods, Power Utilities

FPI-heavy sectors Real Estate, Telecom, Financial Services, Healthcare

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