FII Selling Update रिकॉर्ड बिकवाली के बावजूद बाज़ार ऑल-टाइम हाई के करीब
शुक्रवार की प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद भारत के बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty अभी भी अपने ऑल-टाइम हाई लेवल के बेहद करीब ट्रेड कर रहे हैं।
हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है।
FII ने शुक्रवार को 1,766 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग की
बाज़ार में शुक्रवार को एफआईआई ने
₹1,766.05 करोड़ की नेट सेलिंग की।
हालांकि पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में यह सेलिंग कम होती दिख रही है, जो मार्केट के लिए हल्की पॉज़िटिविटी का संकेत देती है।

2025 में कुल 1.43 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली
साल 2025 की शुरुआत से अब तक विदेशी निवेशक
₹1,43,698 करोड़ की भारी बिकवाली कर चुके हैं।
यानी विदेशी निवेशकों की ओर से भारत में निवेश की धारणा अभी भी औसत से काफी कमजोर बनी हुई है।
क्यों कम हुई है हाल की बिकवाली?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, हाल में एफआईआई सेलिंग में कमी आने के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
- Q2 के बेहतर कॉर्पोरेट नतीजे
- मुद्रास्फीति में लगातार गिरावट
- भारत–अमेरिका ट्रेड डील पर सकारात्मक उम्मीदें
इन फैक्टर्स ने मार्केट सेंटिमेंट को मजबूत किया है।
ग्लोबल स्ट्रैटेजी व्यू भारत में FII की वापसी अभी धीमी
वीटी मार्केट्स के ग्लोबल स्ट्रैटेजी लीड रॉस मैक्सवेल ने EPFR डेटा का हवाला देते हुए कहा:
- उभरते बाजारों (Emerging Markets) में फंड इनफ्लो बढ़ रहा है
- लेकिन विदेशी निवेशकों की भारत में वापसी अभी भी पर्याप्त तेज़ नहीं है
इसका मतलब है कि ग्लोबल लेवल पर भारत को लेकर सतर्कता अभी भी बनी हुई है।
ऐतिहासिक डेटा Q3 और अक्टूबर की FII गतिविधि
- अक्टूबर 2025 में एफआईआई ने
₹14,610 करोड़ के घरेलू शेयर खरीदे - 2025 की तीसरी तिमाही (Q3) में एफआईआई ने
₹76,619 करोड़ के शेयर बेचे
Q3 में भारी बिकवाली के बाद अक्टूबर में हल्की खरीदारी देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर ट्रेंड अभी भी नेगेटिव है।
बाज़ार के लिए इसका क्या मतलब है?
- घरेलू निवेशक और DII लगातार मजबूत समर्थन दे रहे हैं
- मजबूत कॉरपोरेट अर्निंग्स और बेहतर मैक्रो डेटा मार्केट को संभाले हुए हैं
- जब तक FII सेलिंग कम होती रहेगी, तब तक इंडेक्स उच्च स्तर पर स्थिर रह सकते हैं
