इन 5 सरकारी शेयरों में हजारों करोड़ रुपये की वैल्यू घटी
जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही भारत सरकार के लिए निवेश के लिहाज से चुनौतीपूर्ण साबित हुई। इस दौरान कई प्रमुख सरकारी हिस्सेदारी वाली सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे सरकार के निवेश की मार्केट वैल्यू में भी बड़ी कमी दर्ज की गई।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और घरेलू शेयर बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव के कारण कई सरकारी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। इसका सीधा असर इन कंपनियों में भारत सरकार की हिस्सेदारी के मूल्य पर पड़ा।
आइए जानते हैं उन प्रमुख कंपनियों के बारे में, जिनमें सरकार के निवेश की वैल्यू में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई।
1. Canara Bank
सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक Canara Bank में भारत सरकार की हिस्सेदारी की वैल्यू जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान 17,959 करोड़ रुपये घट गई।
प्रमुख आंकड़े
- मार्च 2026 में सरकार की हिस्सेदारी की वैल्यू ₹70,472 करोड़
- वैल्यू में गिरावट ₹17,959 करोड़
- शेयर में तिमाही गिरावट 20.31%
बैंकिंग सेक्टर में दबाव और बाजार में कमजोरी के कारण बैंक के शेयर में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली।
2. Rail Vikas Nigam Limited (RVNL)
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की प्रमुख कंपनी RVNL में भी सरकार के निवेश को बड़ा झटका लगा।
प्रमुख आंकड़े
- पिछली तिमाही में हिस्सेदारी की वैल्यू: ₹54,257 करोड़
- मार्च 2026 में हिस्सेदारी की वैल्यू: ₹37,915 करोड़
- वैल्यू में कमी: ₹16,342 करोड़
- शेयर में तिमाही गिरावट: 30.12%
पिछले कुछ वर्षों में शानदार रिटर्न देने वाले RVNL शेयर में इस तिमाही में तेज करेक्शन देखने को मिला।
3. Hindustan Aeronautics Limited (HAL)
रक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी HAL में सरकार की हिस्सेदारी के मूल्य में सबसे बड़ी गिरावटों में से एक दर्ज की गई।
प्रमुख आंकड़े
- सरकार की हिस्सेदारी की वर्तमान वैल्यू ₹1,67,073 करोड़
- वैल्यू में गिरावट ₹43,191 करोड़
- शेयर में तिमाही गिरावट 20.54%
डिफेंस सेक्टर में मजबूत ऑर्डर बुक के बावजूद शेयर में मुनाफावसूली और बाजार दबाव देखने को मिला।
4. Life Insurance Corporation of India (LIC)
सरकार को सबसे बड़ा झटका LIC में लगा, जहां हिस्सेदारी की वैल्यू में लगभग 79 हजार करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
प्रमुख आंकड़े
- दिसंबर 2025 में हिस्सेदारी की वैल्यू ₹5,21,799 करोड़
- मार्च 2026 में हिस्सेदारी की वैल्यू ₹4,42,909 करोड़
- कुल गिरावट ₹78,889 करोड़
- शेयर में तिमाही गिरावट 15.12%
LIC भारत सरकार की सबसे बड़ी निवेशित कंपनियों में से एक है, इसलिए शेयर में आई मामूली गिरावट का भी बड़ा प्रभाव देखने को मिला।
5. IDBI Bank
IDBI Bank में भी सरकार के निवेश की वैल्यू में भारी कमी आई।
प्रमुख आंकड़े
- वैल्यू में कमी: ₹20,288 करोड़
- मार्च 2026 में हिस्सेदारी की वैल्यू: ₹30,073 करोड़
- शेयर में तिमाही गिरावट: 40.29%
यह इस सूची में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वाला शेयर रहा। शेयर में 40% से अधिक की कमजोरी ने सरकार के निवेश मूल्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
सरकार के निवेश की वैल्यू क्यों घटी?
इस तिमाही में कई ऐसे कारक रहे जिन्होंने सरकारी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बनाया
प्रमुख कारण
- विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
- वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव
- बाजार में बढ़ती अस्थिरता
- मुनाफावसूली (Profit Booking)
- बैंकिंग और PSU शेयरों में कमजोरी
- व्यापक बाजार करेक्शन
इन कारणों से कई सरकारी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
सरकार की हिस्सेदारी की वैल्यू में कमी का मतलब यह नहीं है कि कंपनियों के मूलभूत आधार (Fundamentals) कमजोर हो गए हैं। कई बार बाजार की अस्थिरता और निवेशकों की धारणा के कारण शेयर कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
निवेशकों को किसी भी शेयर में निवेश से पहले निम्न बातों का विश्लेषण करना चाहिए
- कंपनी के वित्तीय परिणाम
- ऑर्डर बुक और बिजनेस ग्रोथ
- वैल्यूएशन
- सेक्टर आउटलुक
- लंबी अवधि की संभावनाएं
निष्कर्ष
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में LIC, HAL, Canara Bank, RVNL और IDBI Bank जैसे बड़े सरकारी शेयरों में आई गिरावट के कारण भारत सरकार के निवेश की मार्केट वैल्यू में हजारों करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। इनमें LIC और HAL में सबसे अधिक मूल्य ह्रास देखने को मिला, जबकि IDBI Bank के शेयर में सबसे ज्यादा प्रतिशत गिरावट दर्ज हुई।
हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव निवेश का सामान्य हिस्सा है, लेकिन निवेशकों को हमेशा मजबूत फंडामेंटल और लंबी अवधि के दृष्टिकोण के साथ निवेश निर्णय लेना चाहिए।
अस्वीकरण शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या निवेश विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
