GST कटौती और त्योहारों की डिमांड
भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर सितंबर 2025 में नए जोश के साथ आगे बढ़ा है। महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और एस्कॉर्ट्स कुबोटा जैसी कंपनियों की ट्रैक्टर बिक्री में उल्लेखनीय उछाल देखा गया। यह तेजी मुख्य रूप से GST में कटौती और त्योहारों की समय से पहले शुरुआत की वजह से आई है।
महिंद्रा और एस्कॉर्ट्स की रिकॉर्ड बिक्री
- महिंद्रा एंड महिंद्रा ने सितंबर में लगभग 64,900 यूनिट्स ट्रैक्टर बेचे, जो पिछले साल की तुलना में करीब 50% ज्यादा है।
- एस्कॉर्ट्स कुबोटा की घरेलू ट्रैक्टर बिक्री भी लगभग 17,800 यूनिट्स रही, जो सालाना आधार पर 49% की वृद्धि है।
कंपनियों का कहना है कि त्योहारों के सीजन के पहले आने और GST दरों में कटौती ने डिमांड को मजबूत किया।
ब्रोकरेज और बैंकों का दृष्टिकोण

- जेपीएम फाइनेंशियल का मानना है कि खरीफ की अच्छी फसल, खेती में अधिक जमीन का इस्तेमाल और सामान्य से बेहतर मानसून ने ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टर की मांग को और बढ़ाया।
- एमके ग्लोबल ने बताया कि सितंबर के अंत में मांग और मजबूत हुई है और अक्टूबर में धनतेरस और दिवाली के कारण बिक्री और बढ़ने की संभावना है।
- HSBC बैंक का कहना है कि रिटेल सेल्स में थोड़ी देरी जरूर है, लेकिन त्योहारों और दिवाली के बाद डिमांड में और मजबूती आएगी।
- UBS ने माना कि GST दरों में भारी कटौती और कंपनियों द्वारा दिए गए अतिरिक्त डिस्काउंट से मांग बढ़ी है, लेकिन त्योहारों के बाद भी मांग बनी रहनी चाहिए।
थोक बनाम रिटेल सेल्स
- पैसेंजर व्हीकल्स की थोक बिक्री लॉजिस्टिक्स चुनौतियों की वजह से थोड़ी कमजोर रही।
- टू व्हीलर्स की बिक्री उम्मीद से थोड़ी कम रही।
- वहीं ट्रैक्टर और हल्के कमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री उम्मीद से बेहतर रही।
- निर्यात भी टू व्हीलर्स, पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल्स में मजबूत रहा।
टू व्हीलर्स और पैसेंजर व्हीकल्स पर नजर
- एमके ग्लोबल का मानना है कि टू व्हीलर्स की मांग आने वाले समय में और बेहतर होगी क्योंकि लोग पुराने वाहनों की जगह नए वाहनों को पसंद कर रहे हैं।
- ग्रामीण इलाकों में भी धीरे-धीरे मांग वापस आ रही है।
- एक्सिस सिक्योरिटीज टू व्हीलर्स सेक्टर में TVS मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प और बजाज ऑटो को बेहतर निवेश विकल्प मानती है।
- पैसेंजर और हल्के कमर्शियल व्हीकल्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति सुजुकी को प्राथमिकता दी गई है।
- कमर्शियल व्हीकल्स में अशोक लेलैंड को अच्छा विकल्प माना जा रहा है।
