2014 के बाद पहली बार CGHS Rates में बदलाव
- 2014 के बाद पहली बार CGHS Health Scheme के तहत इलाज की दरों में संशोधन किया गया है।
- लगभग 2000 ट्रीटमेंट्स की दरों को अपडेट किया गया है।
- ये नई दरें 13 अक्टूबर से लागू होंगी।
Hospitals ने Cashless Treatment क्यों रोका था?
पिछले कुछ महीनों में कई बड़े Hospitals ने CGHS Cardholders के लिए Cashless Treatment बंद कर दिया था।
- वजह यह थी कि पुरानी Rates महंगाई के अनुसार नहीं थीं।
- मरीजों को इलाज के लिए पहले खुद पेमेंट करना पड़ता था और फिर Reimbursement के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।
Hospitals ने Rate Revision को बताया Positive Step
- बड़े Hospital Chains का कहना है कि यह Rate Revision एक सकारात्मक कदम है।
- अब उन्हें CGHS पैकेज की नई दरें ज्यादा आकर्षक लगेंगी।
- इससे Hospitals फिर से Cashless Treatment शुरू करने को तैयार होंगे।
- हालांकि, इसका Revenue पर प्रभाव आने वाले समय में देखा जाएगा।

Major Hospitals और उनका Government Exposure
सरकारी और CGHS पैकेजों पर प्रमुख अस्पतालों की निर्भरता इस प्रकार है:
- Apollo Hospitals – 10%
- Fortis Healthcare – 21%
- Max Healthcare – 19%
- Narayana Health – 19%
- Global Health – 10%
- Yatharth Hospitals – 37%
इनमें से जिनका सरकारी पैकेज पर ज्यादा Exposure है, उन पर इसका सीधा सकारात्मक असर पड़ सकता है।
Employees और Pensioners को मिलेगा बड़ा फायदा
Reimbursement Delay की समस्या भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
अब केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी (Pensioners) Cashless Treatment का फायदा उठा सकेंगे।
मरीजों को इलाज के लिए बड़ी रकम पहले से नहीं चुकानी होगी।
