IIT Delhi Study Cloud Seeding से दिल्ली के प्रदूषण पर बड़ा सवाल

IIT Delhi Study Cloud Seeding से दिल्ली के प्रदूषण पर बड़ा सवाल

Cloud Seeding क्या है?

Cloud Seeding एक वैज्ञानिक तकनीक है, जिसमें Silver Iodide, Salt Particles या अन्य रासायनिक पदार्थों का उपयोग कर कृत्रिम वर्षा (Artificial Rain) कराने की कोशिश की जाती है। इसका उद्देश्य हवा में मौजूद Pollutants और Dust Particles को नीचे गिराकर हवा को साफ करना होता है।


IIT Delhi की रिपोर्ट में क्या कहा गया?

आईआईटी दिल्ली के Centre for Atmospheric Sciences (CAS) द्वारा किए गए अध्ययन में बताया गया है कि दिल्ली की सर्दियों में Cloud Seeding प्रदूषण घटाने का भरोसेमंद उपाय नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह केवल एक “High-cost Emergency Option” हो सकता है, जो पूरी तरह से मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करता है।


Study के मुख्य निष्कर्ष

  • अध्ययन 2011-2021 के Climate Data, Aerosol-Cloud Interaction, और Pollutant Washout पर आधारित है।
  • दिसंबर-जनवरी में Moisture और Saturation Level बहुत कम होने के कारण Cloud Seeding प्रभावी नहीं होती।
  • दिल्ली में Cloud Seeding Test के बावजूद बारिश नहीं हुई, जबकि नोएडा में केवल 0.1 मिमी और ग्रेटर नोएडा में 0.2 मिमी वर्षा दर्ज हुई।

Moisture Suitability Index (MSI) का परिणाम

IIT Delhi की रिपोर्ट के अनुसार, जिन दिनों Cloud Seeding के लिए मौसम उपयुक्त माना गया, उन दिनों में भी आवश्यक Moisture Depth और Atmospheric Lift नहीं थे। इस वजह से कृत्रिम वर्षा का प्रयास सफल नहीं हो पाया।


Pollution Removal Analysis

  • भारी प्राकृतिक वर्षा PM2.5, PM10, और NOx जैसे प्रदूषकों को प्रभावी ढंग से हटाती है।
  • हल्की बारिश का प्रभाव सीमित और अस्थायी होता है।
  • वर्षा के बाद हवा केवल 1–5 दिनों तक साफ रहती है, फिर प्रदूषण वापस बढ़ने लगता है।

Environmental Concerns

  • Cloud Seeding में इस्तेमाल होने वाला Silver Iodide (AgI) पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • यह तकनीक बहुत महंगी है और इसके परिणामों को लेकर वैज्ञानिक अस्थिरता बनी रहती है।

IIT Scientists की राय

IIT Delhi के Aerosol Scientist Shehzad Gani ने कहा —

“दिल्ली की प्रदूषित सर्दियों में वायुमंडलीय परिस्थितियां Cloud Seeding के लिए उपयुक्त नहीं होतीं। जब बारिश होती भी है, तो प्रदूषण कुछ घंटों या एक-दो दिन में वापस लौट आता है। इसलिए Cloud Seeding और Smog Towers जैसे उपाय ध्यान भटकाने वाले हैं।”


सरकारी रिपोर्ट और संसद में जानकारी

दिसंबर 2024 में संसद में बताया गया कि IMD, CAQM और CPCB के विशेषज्ञों ने माना कि दिल्ली की सर्दियों में Cloud Seeding के लिए आवश्यक बादल परिस्थितियां मौजूद नहीं होतीं।


दीर्घकालिक समाधान क्या है?

IIT Delhi की रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है —
Continuous Emission Reduction, यानी वाहनों, उद्योगों, निर्माण कार्यों और बायोमास जलाने जैसे स्रोतों से निरंतर उत्सर्जन में कमी करना।

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