India $5 Trillion Economy FY2029 तक 5.1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत, जानिए क्या है पूरा अनुमान

India $5 Trillion Economy FY2029 तक 5.1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था

भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ी उम्मीद सामने आई है। Omniscience Capital के विश्लेषण के मुताबिक भारत वित्त वर्ष 2029 तक करीब 5.1 ट्रिलियन डॉलर की Economy बन सकता है। मजबूत आर्थिक वृद्धि, बैंकों की बेहतर वित्तीय स्थिति और कंपनियों के Capital Expenditure (Capex) में संभावित तेजी को इसके प्रमुख कारणों के रूप में देखा जा रहा है।

रिपोर्ट के बेस केस अनुमान के मुताबिक अमेरिकी डॉलर के आधार पर भारत की Nominal GDP Growth करीब 8% सालाना रह सकती है।

5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य क्या था?

भारत के लिए 5 ट्रिलियन डॉलर की Economy का लक्ष्य पहली बार वित्त वर्ष 2019 में रखा गया था। हालांकि, कोविड-19 महामारी, बैंकों और कंपनियों की कमजोर बैलेंस शीट और रुपये में आई तेज गिरावट के कारण भारत तय समय में इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर सका।

अब Omniscience Capital का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मूल विकास क्षमता मजबूत बनी हुई है और मौजूदा परिस्थितियां भारत को इस लक्ष्य की दिशा में दोबारा आगे बढ़ने का आधार दे रही हैं।

कोविड के कारण आर्थिक विकास पर पड़ा असर

वित्त वर्ष 2021 में भारत की Real GDP में करीब 4.15% की गिरावट दर्ज हुई थी। इसके बाद अर्थव्यवस्था में रिकवरी शुरू हुई, लेकिन अलग-अलग वर्षों में इसकी रफ्तार समान नहीं रही।

इसका असर न केवल आर्थिक वृद्धि पर पड़ा, बल्कि अमेरिकी डॉलर में मापी जाने वाली भारत की GDP के आकार पर भी दिखाई दिया।

इसके अलावा लंबे समय तक बैंकों और कंपनियों की कमजोर बैलेंस शीट ने कर्ज देने और नए निवेश की क्षमता को प्रभावित किया। इसे Twin Balance Sheet Problem के नाम से जाना जाता है।

आसान शब्दों में, बैंक पर्याप्त मात्रा में कर्ज देने की स्थिति में नहीं थे और कंपनियां भी बड़े स्तर पर नए निवेश करने के लिए पूरी तरह मजबूत नहीं थीं। इससे देश में Capital Expenditure की रफ्तार प्रभावित हुई।

रुपये की कमजोरी भी बनी बड़ी वजह

भारत की GDP को डॉलर में मापने पर रुपये की विनिमय दर का बड़ा असर पड़ता है। वित्त वर्ष 2026 में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 12.3% कमजोर हुआ।

इस दौरान घरेलू अर्थव्यवस्था में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहीं, लेकिन रुपये की कमजोरी के कारण डॉलर में मापी जाने वाली GDP Growth अपेक्षाकृत कम दिखाई दी।

यानी भारत की डॉलर GDP की धीमी वृद्धि का मतलब यह नहीं था कि घरेलू अर्थव्यवस्था उतनी ही कमजोर थी। Currency Depreciation भी इसमें एक महत्वपूर्ण कारण था।

भारत की GDP कितनी बढ़ी?

जब 5 ट्रिलियन डॉलर की Economy का लक्ष्य रखा गया था, उस समय भारत की GDP करीब 2.7 ट्रिलियन डॉलर थी।

वित्त वर्ष 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने के लिए भारत को डॉलर के आधार पर हर साल करीब 10.2% Nominal GDP Growth की जरूरत थी। वास्तविक आर्थिक वृद्धि और रुपये की विनिमय दर को देखते हुए यह लक्ष्य तय समय में हासिल नहीं हो सका।

वित्त वर्ष 2025 में भारत की GDP करीब 3.8 ट्रिलियन डॉलर पहुंची। वित्त वर्ष 2019 से इस अवधि में डॉलर के आधार पर GDP की CAGR करीब 5.7% रही।

वित्त वर्ष 2026 में GDP बढ़कर करीब 4.1 ट्रिलियन डॉलर हो गई और इस अवधि की CAGR करीब 5.4% रही।

Domestic Economy की Growth रही मजबूत

हालांकि डॉलर में GDP की वृद्धि लक्ष्य के लिए जरूरी स्तर से कम रही, लेकिन भारत की घरेलू वास्तविक आर्थिक वृद्धि मजबूत रही।

वित्त वर्ष 2022 से वित्त वर्ष 2026 के बीच भारत की Real GDP Growth औसतन 7.4% रही। इसकी तुलना में पिछले दो दशकों का औसत करीब 6.2% था।

इससे संकेत मिलता है कि डॉलर में भारत की GDP की धीमी वृद्धि के पीछे केवल घरेलू आर्थिक कमजोरी जिम्मेदार नहीं थी। रुपये की विनिमय दर का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा।

FY2029 तक 5.1 ट्रिलियन डॉलर की Economy कैसे बनेगा भारत?

Omniscience Capital के बेस केस अनुमान के अनुसार भारत की वास्तविक GDP Growth करीब 6.5% रह सकती है।

इसके साथ करीब 4% Inflation और रुपये में हर साल लगभग 2.5% की गिरावट का अनुमान लगाया गया है।

इन तीनों परिस्थितियों को मिलाकर डॉलर के आधार पर भारत की Nominal GDP Growth करीब 8% सालाना रहने का अनुमान है।

इस आधार पर भारत की Economy

  • FY2026 करीब $4.1 ट्रिलियन
  • FY2029 करीब $5.1 ट्रिलियन
  • FY2030 करीब $5.4 ट्रिलियन
  • FY2035 करीब $8 ट्रिलियन

तक पहुंच सकती है।

मजबूत Dollar Inflow से बदल सकता है अनुमान

रिपोर्ट के मुताबिक अगर भारत का व्यापार मजबूत रहता है और देश में डॉलर का प्रवाह बढ़ता है, तो रुपये को भी समर्थन मिल सकता है।

अगर इन परिस्थितियों के कारण डॉलर के आधार पर भारत की Nominal GDP Growth बढ़कर 11% हो जाती है, तो FY2035 तक भारतीय अर्थव्यवस्था के करीब 11 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।

यह बेस केस की तुलना में काफी तेज आर्थिक विस्तार होगा।

Banks और Corporate Capex बनेंगे Growth Drivers

आने वाले वर्षों में भारत की Economic Growth के लिए बैंकों की मजबूत वित्तीय स्थिति और कंपनियों के बढ़ते Capex को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अगर बैंकिंग सिस्टम में कर्ज देने की क्षमता बढ़ती है और कंपनियां नए प्लांट, मशीनरी, इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्पादन क्षमता में निवेश बढ़ाती हैं, तो इससे रोजगार, उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

इसके साथ मजबूत घरेलू मांग और बेहतर व्यापारिक गतिविधियां भी भारत की GDP Growth को समर्थन दे सकती हैं।

भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर Economy का Outlook

कुल मिलाकर, 5 ट्रिलियन डॉलर की Economy बनने में भारत को अनुमान से अधिक समय लग रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास क्षमता कमजोर हो गई है।

पिछले कुछ वर्षों में Real GDP Growth मजबूत रही है। अब बैंकों की बेहतर स्थिति, Corporate Capex में संभावित तेजी, रुपये की चाल, विदेशी पूंजी का प्रवाह और डॉलर में Nominal GDP Growth भारत की आर्थिक प्रगति के प्रमुख कारक होंगे।

Omniscience Capital का अनुमान सही साबित होता है तो भारत FY2029 तक 5.1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। वहीं बेहतर मुद्रा और व्यापार परिस्थितियों में FY2035 तक 11 ट्रिलियन डॉलर की Economy का रास्ता भी खुल सकता है।

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