क्या है पूरा मामला?
हाल ही में Supreme Court of the United States ने पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के पुराने टैरिफ नियमों को रद्द कर दिया।
इस फैसले के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित Interim Trade Deal की समीक्षा शुरू कर दी है। 23 फरवरी से होने वाली तीन दिवसीय बैठक फिलहाल टाल दी गई है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत अब समझौते की शर्तों पर नए सिरे से बातचीत करना चाहता है, ताकि भारतीय निर्यातकों को अन्य देशों की तुलना में बेहतर शर्तें मिल सकें।
क्यों जरूरी हुई नई बातचीत?
पहले हुए प्रस्ताव के तहत
- अमेरिका भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% करने को तैयार था
- इससे भारत को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलता
लेकिन बाद में Donald Trump द्वारा सभी देशों पर 15% का Global Tariff लागू करने से स्थिति बदल गई।
अब अन्य देशों को भी 15% की समान दर मिल रही है, जिससे भारत को मिलने वाला 18% का विशेष लाभ खत्म हो गया।
इसी कारण भारत अब 15% से भी कम शुल्क या पूर्ण Tariff Exemption की मांग कर रहा है।

$34 Billion Export को मिल सकती है राहत
विश्लेषण के अनुसार भारत का लगभग $34 billion निर्यात इस नए टैरिफ प्रभाव से सुरक्षित रह सकता है।
संभावित छूट वाले सेक्टर
- Pharmaceuticals
- Electronics
- Telecom Equipment
- Petroleum Products
- Engineering Goods
- Civil Aviation Parts (बातचीत जारी)
हालांकि Steel और Automobile सेक्टर पर अतिरिक्त शुल्क जारी रह सकते हैं।
भारत बदले में क्या देगा?
9 फरवरी की Fact Sheet के अनुसार, यदि यह डील अंतिम रूप लेती है, तो भारत को भी अमेरिकी उत्पादों के लिए अपना बाजार आंशिक रूप से खोलना होगा।
संभावित Duty Cuts
- Industrial Goods
- Dry Fruits
- Soybean Oil
- Wine
- Agricultural Products
इसके अलावा, भारत ने आने वाले वर्षों में अमेरिका से $500 billion से अधिक के Energy, Coal और IT Products खरीदने का संकेत दिया है।
बदलते Global Trade Environment में भारत की रणनीति
US Supreme Court के फैसले के बाद वैश्विक व्यापार परिदृश्य बदल गया है। भारत अपनी रणनीति को संतुलित करते हुए यह सुनिश्चित करना चाहता है कि
- भारतीय निर्यातकों को बेहतर टैरिफ शर्तें मिलें
- Global Market में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनी रहे
- Strategic Sectors को सुरक्षा मिलती रहे
निष्कर्ष
India–US Trade Talks अब नए चरण में प्रवेश कर चुकी हैं। बदले हुए Global Tariff Environment में भारत अपनी शर्तों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
