India–US Trade Deal पर देरी Growth अमेरिका पर निर्भर नहीं

India–US Trade Deal में देरी भारत की Growth अमेरिका पर निर्भर नहीं

India–US Trade Deal को लेकर जारी चर्चाओं और अटकलों के बीच RBI की पूर्व Monetary Policy Committee (MPC) सदस्य और अर्थशास्त्री Ashima Goyal ने साफ शब्दों में कहा है कि भारत की Economic Growth अमेरिका पर निर्भर नहीं है

उनका मानना है कि मौजूदा वैश्विक माहौल में Emerging Markets और वैकल्पिक Global Partnerships भारत की ग्रोथ को ज्यादा मजबूती दे रही हैं।


US पर जरूरत से ज्यादा Focus Ashima Goyal

CNBC International को दिए इंटरव्यू में Ashima Goyal ने कहा कि बाजारों और मीडिया में United States को लेकर जरूरत से ज्यादा फोकस कोई नई बात नहीं है।

उन्होंने बताया कि MPC सदस्य रहते हुए भी उन्होंने यही ट्रेंड देखा था—

  • US से जुड़ी खबरों की अधिकता
  • वहां से आने वाला FDI
  • अमेरिकी डेटा की आसान उपलब्धता

इन वजहों से यह धारणा बन जाती है कि भारत की आर्थिक दिशा अमेरिका तय करता है, जबकि हकीकत इससे अलग है


Capital Flow और Exchange Rate में भारत ज्यादा आश्रित नहीं

Ashima Goyal के मुताबिक, Capital Flow और Exchange Rate जैसे संवेदनशील मुद्दों में भी भारत उतना अमेरिका पर निर्भर नहीं है जितना आमतौर पर माना जाता है।

उन्होंने बताया कि भारत में Phased Capital Account Convertibility लागू है, जिससे ब्याज दरों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील विदेशी पूंजी का प्रवाह सीमित रहता है।
इसी कारण भारत ने कई बार अमेरिका से अलग रहते हुए अपनी Interest Rate Policy पर स्वतंत्र फैसले लिए हैं।


Emerging Markets बन रहे हैं Global Growth का बड़ा Engine

Ashima Goyal ने जोर देते हुए कहा कि आज वैश्विक आर्थिक वृद्धि में Emerging Economies की हिस्सेदारी 50% से अधिक हो चुकी है।

उनके अनुसार,

“अगर अमेरिका सहयोग के लिए तैयार नहीं होता, तो देश अन्य विकल्प तलाश लेते हैं।”

इसलिए भारत को केवल US Trade Deal पर फोकस करने के बजाय नए साझेदारों और उभरते बाजारों पर भरोसा करना चाहिए।


भारत की US पर Trade Dependency सीमित

Ashima Goyal ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की Trade Dependency अमेरिका पर अपेक्षाकृत कम है।

  • भारत के कुल exports में अमेरिका की हिस्सेदारी
  • Japan और South Korea जैसे देशों की तुलना में कम

यही वजह है कि अमेरिका के साथ व्यापार में किसी तरह की रुकावट भारत की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका नहीं देती


US Relations अहम, लेकिन National Interest पहले

उन्होंने माना कि भारत के लिए अमेरिका के साथ संबंध महत्वपूर्ण हैं—

  • बड़ी NRI population
  • कई सेक्टर्स में strategic cooperation

लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी Trade Agreement की कीमत भारत के किसानों या कमजोर वर्गों को नहीं चुकानी चाहिए। अमेरिका को भारत की घरेलू संवेदनशीलताओं को समझना होगा।


Delay बेहतर, लेकिन नुकसानदेह Deal नहीं

पूर्व MPC सदस्य के अनुसार, भारत ने जिन Free Trade Agreements (FTA) पर अब तक हस्ताक्षर किए हैं, वे दोनों देशों की प्राथमिकताओं का सम्मान करते हैं और Win–Win साबित हुए हैं

उनका कहना है कि

  • अगर US के साथ डील में देरी होती है
  • लेकिन शर्तें बेहतर मिलती हैं

तो यह जल्दबाजी में किए गए ऐसे समझौते से बेहतर है जो बड़े कारोबारी या आम लोगों को नुकसान पहुंचाए।


Trade Deal विवाद हालिया बयान क्या है?

हाल ही में अमेरिकी Commerce Secretary Howard Lutnick ने दावा किया कि India–US Trade Deal इसलिए अटकी है क्योंकि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump को व्यक्तिगत रूप से फोन नहीं किया

भारत सरकार ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।


Government of India का आधिकारिक जवाब

Ministry of External Affairs (MEA) के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने इस बयान को “सटीक नहीं” बताया।

उन्होंने कहा कि

  • फरवरी से भारत–अमेरिका के बीच Bilateral Trade Talks के कई दौर हो चुके हैं
  • कई बार बातचीत final stage तक पहुंची है

High-Level बातचीत लगातार जारी रही

Randhir Jaiswal ने यह भी बताया कि पिछले साल प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच आठ बार बातचीत हुई थी।
इन बैठकों में India–US Strategic Partnership के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।


निष्कर्ष

India–US Trade Deal में देरी को भारत की आर्थिक कमजोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। Emerging Markets, diversified trade partnerships और मजबूत घरेलू नीतियों के दम पर भारत की Growth Story अमेरिका से कहीं ज्यादा व्यापक और आत्मनिर्भर है।

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