India–US Trade Deal अमेरिकी Wine और Spirits के लिए Market खुलेगा
भारत और अमेरिका के बीच हुए Interim Trade Agreement के तहत भारत ने अमेरिकी Wine और Spirits के लिए अपना बाजार खोलने पर सहमति जता दी है। हालांकि, इस फैसले से घरेलू Indian Whisky Brands पर किसी बड़े नकारात्मक असर की आशंका फिलहाल नहीं जताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समझौते में भारतीय Spirit कंपनियों को Minimum Import Price (MIP) Mechanism के जरिए सुरक्षा दी जाएगी। इसके तहत किसी भी Alcoholic Beverage को तय Floor Price से नीचे बेचने की अनुमति नहीं होगी।
Indian Whisky Brands क्यों हैं निश्चिंत?
घरेलू व्हिस्की कंपनियों को राहत इसलिए भी है क्योंकि भारतीय बाजार में US Whisky Brands की हिस्सेदारी बेहद सीमित है।
फिलहाल Indian Whisky Market पर घरेलू कंपनियों का ही दबदबा बना हुआ है, जिससे अमेरिकी ब्रांड्स के लिए बड़ा प्रभाव डालना आसान नहीं होगा।
Market Share Data Indian Whisky का दबदबा बरकरार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
- American Whisky की हिस्सेदारी सिर्फ 0.1%
- कुल बिक्री करीब 2.29 लाख केस (9 लीटर बोतल)
- Scotch Whisky 3% से थोड़ी ज्यादा हिस्सेदारी
- Irish Whisky मात्र 0.2%
इन आंकड़ों से साफ है कि भारतीय व्हिस्की बाजार में विदेशी ब्रांड्स की मौजूदगी बेहद सीमित है।

Price नहीं, Taste है Indian Consumers के लिए अहम
Brewers Association of India के डायरेक्टर जनरल विनोद गिरी के मुताबिक,
भारतीय ग्राहकों के लिए कीमत सबसे बड़ा फैक्टर नहीं, बल्कि Taste और Preference ज्यादा अहम है।
उनका कहना है कि
- Bourbon और Tennessee Whisky भारतीय Premium Consumers को ज्यादा आकर्षित नहीं करतीं
- भारत में Jim Beam, लोकली बॉटल्ड Scotch से सस्ती होने के बावजूद कम बिकती है
इससे संकेत मिलता है कि केवल Tariff Cut या Price Reduction से अमेरिकी व्हिस्की की बिक्री में बड़ा उछाल आने की संभावना कम है।
Liquor Industry को Deal की पूरी Details का इंतजार
फिलहाल भारतीय Liquor Industry भारत–अमेरिका के बीच हुए इस Trade Deal की पूरी शर्तों और नियमों का इंतजार कर रही है।
सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि घरेलू उद्योगों के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी।
Wine Segment पर सीमित असर
इस समझौते से अमेरिकी Wines, Motorcycles और Medical Devices को फायदा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि भारत के कुल Alcohol Market में
- Wine Segment की हिस्सेदारी 0.5% से भी कम
- इस सेगमेंट में फिलहाल Australia का दबदबा बना हुआ है
ऐसे में Wine Imports से भारतीय Alcohol Market पर बड़ा असर पड़ने की संभावना कम मानी जा रही है।
Piyush Goyal का साफ संदेश
Commerce and Industry Minister पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि
- Wine, Spirits और अन्य Alcoholic Products का आयात केवल Minimum Import Price के तहत ही होगा
- कई अन्य श्रेणियों में Tariff और प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेंगे
इन प्रोडक्ट्स को किसी भी रियायत से बाहर रखा गया है:
- मूंगफली
- शहद
- माल्ट
- Non-Alcoholic Beverages
- Essential Oils
- Ethanol
- Tobacco
Tariff Reduction से Indian Exports को राहत की उम्मीद
7 फरवरी को जारी Joint Statement के बाद प्रेस ब्रीफिंग में पीयूष गोयल ने बताया कि
भारत और अमेरिका Interim Trade Agreement पर सहमत हुए हैं।
इसके तहत Indian Exports पर टैरिफ घटकर 18% तक आने की उम्मीद जताई जा रही है, जो आने वाले समय में कई Export-Oriented Companies के लिए पॉजिटिव साबित हो सकता है।
