Indian Stock Market में गिरावट का दौर

Indian Stock Market में गिरावट का दौर

वित्त वर्ष 2026 भारतीय शेयर बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। जहां कई global markets ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं Indian Stock Market में कमजोरी देखने को मिली।

लगातार Foreign Investors की selling और बढ़ते geo-political tensions के चलते बाजार पर दबाव बना रहा।


Market Cap में बड़ी गिरावट

FY26 के दौरान भारत का कुल market capitalization

  • करीब 8% गिरकर $4.83 trillion से $4.5 trillion पर आ गया
  • यह गिरावट पिछले तीन सालों में सबसे बड़ी मानी जा रही है

यह दर्शाता है कि बाजार में निवेशकों का confidence कुछ हद तक कमजोर हुआ है।


Global Ranking में भारत की स्थिति

दुनियाभर के markets की तुलना करें तो

  • कुल 13 देशों में market cap गिरा
  • भारत गिरावट के मामले में 9वें स्थान पर रहा

सबसे ज्यादा गिरावट Cyprus में करीब 25% की रही।


किन देशों में आई गिरावट?

FY26 में कई देशों के markets दबाव में रहे

  • Cyprus 25% गिरावट
  • Lebanon 21% गिरावट
  • Denmark 15% गिरावट
  • Argentina 14% गिरावट
  • Mauritius, Philippines, Trinidad and Tobago: ~13% गिरावट
  • Estonia 8% गिरावट
  • Saudi Arabia, Jamaica, United Arab Emirates: 1–3% गिरावट

किन देशों ने दिखाई मजबूती?

दूसरी तरफ कई global markets ने शानदार प्रदर्शन किया

  • South Korea 118% की रिकॉर्ड तेजी
  • Taiwan 68% उछाल
  • Canada 28% वृद्धि
  • China 25% बढ़त
  • Japan 24% तेजी
  • Hong Kong 22% उछाल
  • United States 17% बढ़त
  • United Kingdom 14% वृद्धि
  • Germany 2% बढ़त

खास तौर पर Taiwan और Canada में FY2021 के बाद सबसे बड़ी तेजी देखने को मिली।


भारतीय बाजार में गिरावट के बड़े कारण

FY26 में market पर कई negative factors का असर रहा

1. High Valuation

  • पहले से ही ऊंचे valuation के कारण profit booking बढ़ी

2. Slow Earnings Growth

  • कंपनियों की earnings growth उम्मीद से धीमी रही

3. FII Selling

  • Foreign Institutional Investors ने लगातार selling की

4. Global Uncertainty

  • Tariff war और geo-political tensions

5. Middle East Conflict

  • Iran–US–Israel तनाव का असर

6. Crude Oil Prices

  • बढ़ती तेल कीमतें सबसे बड़ा risk बनकर उभरीं

Crude Oil क्यों बना सबसे बड़ा Risk?

भारत एक बड़ा oil importer है, इसलिए crude oil की कीमत बढ़ने का सीधा असर economy पर पड़ता है:

  • Current Account Deficit बढ़ता है
  • Subsidy burden बढ़ता है
  • Inflation पर दबाव आता है

इससे stock market sentiment कमजोर होता है।


Brokerage Firms ने घटाया Growth Estimate

Global brokerage firms ने भी अपने outlook में बदलाव किया है:

  • Growth forecast में करीब 9% की कटौती
  • पहले CY26 के लिए 16% और CY27 के लिए 14% अनुमान था

अब इसे कम किया गया है, इसके पीछे कारण

  • Crude oil में तेजी
  • GDP growth में सुस्ती
  • Rupee की कमजोरी

HSBC की चेतावनी

HSBC ने भी आगाह किया है कि

  • अगर geo-political tension लंबा चलता है
  • तो FY27 की 16% growth estimate पर असर पड़ सकता है

अनुमान

  • April–May: crude $80–100/barrel
  • June–July: ~$80/barrel

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

मौजूदा हालात को देखते हुए

  • Market में volatility बनी रह सकती है
  • Global factors का असर जारी रहेगा
  • Short-term में risk ज्यादा है

Strategy

Long-term view रखें

Strong fundamentals वाले stocks चुनें

Over-leveraging से बचें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top