ITR Deadline 31 December आज आखिरी मौका
Income Tax Return (ITR) फाइल करने की 31 December की डेडलाइन अब समाप्त होने वाली है। जिन taxpayers ने तय समय पर ITR फाइल नहीं किया था, उनके लिए Belated Return दाखिल करने का आज आखिरी मौका है।
अगर 31 December के बाद भी return फाइल नहीं किया गया, तो Belated Return का विकल्प पूरी तरह बंद हो जाएगा, जिससे tax compliance और महंगी हो जाएगी।
Deadline चूकने पर क्यों बढ़ जाती है परेशानी?
31 December के बाद taxpayers के पास अपनी गलती सुधारने या छूटी हुई income बताने के लिए केवल Updated Return (Section 139(8A)) का विकल्प बचेगा।
यह विकल्प न सिर्फ ज्यादा महंगा होता है, बल्कि इसमें कई tax benefits भी खत्म हो जाते हैं।
Updated Return (ITR-U) क्यों है सबसे महंगा विकल्प?
Income Tax Act के अनुसार, Assessment Year खत्म होने के बाद 48 महीने तक Updated Return फाइल की जा सकती है, लेकिन इसके लिए भारी कीमत चुकानी पड़ती है।
Tax experts के अनुसार
- अतिरिक्त टैक्स देना पड़ता है
- Refund या तो कम हो जाता है या पूरी तरह खत्म
- कई deductions और exemptions का फायदा नहीं मिलता
छोटी सी देरी आगे चलकर बड़ी financial burden में बदल सकती है।

Revised Return क्या है और कब फायदेमंद?
हाल के महीनों में Income Tax Department ने कई taxpayers को AIS, Form 16 और ITR के बीच mismatch को लेकर notices भेजे हैं।
अगर आपने समय पर ITR फाइल किया है, लेकिन बाद में कोई गलती पकड़ में आती है, तो आप Section 139(5) के तहत Revised Return दाखिल कर सकते हैं।
Revised Return के प्रमुख फायदे
- पुरानी ITR पूरी तरह replace हो जाती है
- 31 December या assessment पूरा होने तक कई बार revise की जा सकती है
- अनजाने में हुई गलती पर कोई penalty नहीं
- अगर tax dues नहीं हैं तो interest भी नहीं
- Refund claim या correction संभव
- Loss carry forward किया जा सकता है
Belated Return का विकल्प भी सीमित
जो taxpayers तय समय तक ITR फाइल नहीं कर पाए, वे Section 139(4) के तहत Belated Return फाइल कर सकते हैं, लेकिन इसकी अंतिम तारीख भी 31 December ही है।
Belated Return में
- Late fee लगती है
- बकाया टैक्स पर interest देना पड़ता है
- कई मामलों में tax regime चुनने का option खत्म
- Business loss या capital loss carry forward नहीं हो पाता
Updated Return (ITR-U) क्या है?
ITR-U के जरिए taxpayers Assessment Year खत्म होने के बाद 48 महीने तक return file या update कर सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर
AY 2025-26 की ITR को 31 March 2030 तक update किया जा सकता है।
यह विकल्प उन लोगों के लिए है जिन्होंने
- ITR फाइल नहीं की
- गलत या अधूरी income declare की
Updated Return में कितना Extra Tax देना पड़ता है?
Updated Return को सबसे महंगा विकल्प माना जाता है
- पहले साल में — 25% अतिरिक्त टैक्स
- दूसरे साल में — 50%
- तीसरे साल में — 60%
- चौथे साल में — 70% तक अतिरिक्त टैक्स
इसके अलावा
- Loss दिखाने की अनुमति नहीं
- Loss carry forward नहीं होता
- Refund claim नहीं किया जा सकता
Experts की सख्त चेतावनी
CA Mehul Seth के अनुसार, अगर कोई taxpayer 31 December 2025 तक Revised Return फाइल नहीं करता, तो 1 January 2026 से Updated Return ही एकमात्र रास्ता बचेगा, जिससे tax और penalty दोनों बढ़ जाएंगे।
वहीं CA Anish Thakur का कहना है कि आज ITR केवल tax calculation नहीं, बल्कि सरकार को दी जाने वाली complete financial disclosure है। Revision या update को आदत नहीं, बल्कि last option मानना चाहिए।
Taxpayers के लिए जरूरी सलाह
Income Tax Department पहले ही साफ कर चुका है कि Updated Return को timely filing का विकल्प न माना जाए।
Tax experts की सलाह भी बिल्कुल स्पष्ट है
समय के साथ tax burden लगातार बढ़ता जाता है
जितनी जल्दी action लेंगे, उतना tax, interest और penalty कम होगी
देरी करने से options कम होते जाते हैं
