गिरते बाजार में Low Beta Stocks क्यों बनते हैं निवेशकों का सहारा?

गिरते बाजार में Low Beta Stocks क्यों बनते हैं निवेशकों का सहारा?

जब शेयर बाजार में तेज गिरावट आती है, तो सबसे ज्यादा चिंता निवेशकों के पोर्टफोलियो नुकसान को लेकर होती है। हाल के सत्रों में भी ऐसा ही देखने को मिला, जहां BSE Sensex और Nifty 50 दोनों प्रमुख इंडेक्स अपने 200-day EMA से काफी नीचे ट्रेड करते दिखाई दिए।

चारों तरफ बिकवाली के माहौल में कई निवेशक ऐसे स्टॉक्स की तलाश में रहते हैं जो बाजार की तेज गिरावट के दौरान भी अपेक्षाकृत स्थिर रह सकें। ऐसे समय में अक्सर Low Beta Stocks की चर्चा बढ़ जाती है।

विशेष रूप से FMCG, IT और Pharma सेक्टर के कई स्टॉक्स इस श्रेणी में आते हैं, जिन्हें निवेशक defensive stocks के रूप में देखते हैं।


Low Beta Stock क्या होते हैं?

Low Beta Stocks का मतलब उन शेयरों से है जिनकी कीमतें बाजार की तुलना में कम उतार-चढ़ाव दिखाती हैं।

Beta दरअसल यह बताता है कि कोई स्टॉक बाजार के मुकाबले कितनी तेजी या गिरावट दिखाता है

Beta को समझने का आसान तरीका

  • यदि किसी स्टॉक का Beta = 1 है
    वह बाजार के बराबर उतार-चढ़ाव दिखाएगा
  • यदि Beta > 1 है
    स्टॉक बाजार से ज्यादा volatile होगा
  • यदि Beta < 1 है
    स्टॉक बाजार से कम प्रभावित होगा

आमतौर पर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स जैसे BSE Sensex और Nifty 50 का Beta 1 माना जाता है


Low Beta Stocks बाजार गिरने पर कैसे मदद करते हैं?

जब बाजार गिरता है, तो हाई बीटा स्टॉक्स अक्सर तेजी से नीचे आते हैं। लेकिन लो बीटा स्टॉक्स में गिरावट अपेक्षाकृत कम होती है।

उदाहरण के लिए

  • यदि बाजार 1% गिरता है
  • और किसी स्टॉक का Beta 0.5 है

तो उस स्टॉक में गिरावट लगभग 0.5% के आसपास हो सकती है।

कई बार ऐसा भी देखा गया है कि बाजार गिरने के बावजूद कुछ लो बीटा स्टॉक्स स्थिर रहते हैं या बढ़त भी दिखाते हैं

यही कारण है कि volatile बाजार में निवेशक अपने पोर्टफोलियो को संतुलित रखने के लिए ऐसे स्टॉक्स की ओर रुख करते हैं।


हालिया बाजार गिरावट में IT स्टॉक्स ने दिखाया दम

हाल के ट्रेडिंग सत्र में भी एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला।

जब बाजार में भारी बिकवाली हो रही थी, तब भी IT सेक्टर के कुछ बड़े स्टॉक्स ने मजबूती दिखाई।

उदाहरण के तौर पर

  • Infosys
  • Wipro

ये दोनों स्टॉक्स उस दिन बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि व्यापक बाजार में गिरावट जारी थी।

यह इस बात का उदाहरण है कि defensive sectors कई बार बाजार गिरावट के दौरान बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।


FMCG, IT और Pharma को Defensive Sector क्यों माना जाता है?

इन सेक्टरों को अक्सर defensive sectors कहा जाता है क्योंकि इनकी मांग आर्थिक परिस्थितियों से कम प्रभावित होती है।

FMCG Sector

FMCG कंपनियां रोजमर्रा के उत्पाद बनाती हैं जैसे

  • साबुन
  • टूथपेस्ट
  • पैकेज्ड फूड
  • घरेलू सामान

इनकी मांग हर स्थिति में बनी रहती है, इसलिए इनके स्टॉक्स में volatility अपेक्षाकृत कम रहती है।


IT Sector

IT कंपनियां वैश्विक क्लाइंट्स को सेवाएं देती हैं और इनकी आय कई बार विदेशी बाजारों से आती है।

इस कारण इन कंपनियों के बिजनेस पर घरेलू बाजार की गिरावट का असर सीमित हो सकता है।


Pharma Sector

फार्मा कंपनियां दवाइयों और हेल्थकेयर उत्पादों का उत्पादन करती हैं।

स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों की मांग लगभग हर आर्थिक परिस्थिति में बनी रहती है, जिससे ये सेक्टर भी defensive माना जाता है।


Low Beta Stocks का Beta Range

सामान्य तौर पर FMCG और IT सेक्टर के कई स्टॉक्स का Beta

0.80 से 0.40 के बीच होता है।

इसका मतलब यह है कि बाजार में गिरावट होने पर इन स्टॉक्स में आमतौर पर कम उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।


बड़े निवेशक गिरावट में इन सेक्टरों की ओर क्यों जाते हैं?

जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो बड़े निवेशक अक्सर ऐसे स्टॉक्स चुनते हैं जो

  • स्थिर बिजनेस मॉडल रखते हों
  • लगातार cash flow generate करते हों
  • कम volatility दिखाते हों

इसी वजह से बाजार गिरने के दौरान FMCG, IT और Pharma सेक्टर में निवेश बढ़ता हुआ देखा जाता है।


Key Takeaways

• Low Beta Stocks बाजार की तुलना में कम volatility दिखाते हैं
• इनका Beta आमतौर पर 1 से कम होता है
• FMCG, IT और Pharma सेक्टर में कई defensive stocks होते हैं
• बाजार गिरने पर निवेशक अक्सर इन सेक्टरों की ओर रुख करते हैं
• हालिया गिरावट में Infosys और Wipro जैसे IT स्टॉक्स ने मजबूती दिखाई


निष्कर्ष

जब बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और गिरावट होती है, तब निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखना होती है।

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