Meesho Share Price Macquarie ने जताई चिंता, 125 रुपये का Target Price तय
भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho को लेकर ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने सतर्क रुख अपनाया है। कंपनी में ऑर्डर ग्रोथ लगातार मजबूत बनी हुई है, लेकिन हर ऑर्डर से होने वाली औसत कमाई (Average Order Value) में गिरावट ने उसके बिजनेस मॉडल को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
इसी वजह से Macquarie ने Meesho पर अपनी कवरेज की शुरुआत “Underperform” रेटिंग के साथ की है और शेयर के लिए 125 रुपये प्रति शेयर का Target Price तय किया है।
यह लक्ष्य कंपनी के पिछले क्लोजिंग प्राइस 165.95 रुपये की तुलना में लगभग 25% संभावित गिरावट का संकेत देता है।
क्यों सतर्क है Macquarie?
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि मौजूदा शेयर कीमत में पहले से ही कई सकारात्मक उम्मीदें शामिल हैं।
इनमें शामिल हैं
- अगले कई वर्षों तक मजबूत ग्रोथ
- लगातार बढ़ते ग्राहक
- प्लेटफॉर्म से बेहतर कमाई
- मार्जिन में सुधार
- मजबूत Free Cash Flow
Macquarie के अनुसार यदि इनमें से किसी भी मोर्चे पर कंपनी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती है तो शेयर में दबाव देखने को मिल सकता है।
ऑर्डर बढ़ रहे हैं, लेकिन कमाई नहीं
Meesho के बिजनेस मॉडल की सबसे बड़ी चुनौती Average Order Value (AOV) मानी जा रही है।
हालांकि कंपनी के प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन हर ऑर्डर से मिलने वाली औसत कमाई घट रही है।
यही वजह है कि यूनिट इकोनॉमिक्स पर दबाव बढ़ रहा है और भविष्य की Profitability प्रभावित हो सकती है।
भारत का सबसे बड़ा Value-Focused E-commerce Platform
Macquarie की रिपोर्ट के अनुसार Meesho ने पांच साल से भी कम समय में खुद को भारत के सबसे बड़े Value-Focused E-commerce Platform के रूप में स्थापित कर लिया है।
प्रमुख आंकड़े
- Annual Transacting Users (ATU): 26.5 करोड़
- Tier-2 और Tier-3 शहरों में मजबूत उपस्थिति
- छोटे शहरों और कस्बों में तेजी से विस्तार
- लगातार बेहतर Customer Engagement
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि कंपनी का ग्राहक आधार लगातार मजबूत हो रहा है।
कम कीमत की रणनीति बनी ताकत और चुनौती
Meesho की सफलता का सबसे बड़ा कारण उसकी Low Price Strategy रही है।
कंपनी ने सस्ते प्रोडक्ट्स के जरिए करोड़ों ग्राहकों को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ा है।
हालांकि इसका दूसरा पहलू यह है कि
- Average Order Value कम रहती है।
- प्रति ऑर्डर Revenue सीमित रहता है।
- Profit Margin पर दबाव बढ़ता है।
यानी ज्यादा ऑर्डर होने के बावजूद प्रति ऑर्डर कमाई सीमित रहने से कुल लाभप्रदता प्रभावित हो सकती है।
Logistics Business ‘Valmo’ से मिली-जुली तस्वीर
Meesho अपनी Logistics Service “Valmo” के जरिए लागत कम करने की रणनीति पर काम कर रही है।
कंपनी का उद्देश्य
- Delivery Cost कम करना
- Supply Chain मजबूत बनाना
- ग्राहकों को कम कीमत का लाभ देना
हालांकि Macquarie का कहना है कि Valmo का प्रदर्शन अब तक मिला-जुला रहा है और इससे अभी तक लगातार मजबूत परिणाम नहीं मिले हैं।
Sponsored Listings से बढ़ सकती है कमाई
ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में Sponsored Listings कंपनी की कमाई बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं।
Contribution Margin
वर्तमान स्थिति
- प्रति ऑर्डर Contribution Margin: लगभग ₹6
अनुमान
- अगले पांच वर्षों में बढ़कर ₹11–12 प्रति ऑर्डर
हालांकि यह सुधार धीरे-धीरे होने की संभावना है।
EBITDA बढ़ाने के लिए क्या जरूरी?
Macquarie का कहना है कि कम प्रति ऑर्डर कमाई के कारण मजबूत EBITDA हासिल करना आसान नहीं होगा।
इसके लिए कंपनी को
- लगातार नए ग्राहक जोड़ने होंगे।
- मौजूदा ग्राहकों से ज्यादा बार खरीदारी करानी होगी।
- Order Frequency बढ़ानी होगी।
- प्लेटफॉर्म Monetization मजबूत करना होगा।
Order Frequency सबसे बड़ा Growth Driver
ब्रोकरेज के अनुसार Meesho के लिए सबसे महत्वपूर्ण संकेतक Order Frequency रहेगा।
यदि ग्राहक पहले की तुलना में अधिक बार खरीदारी करते हैं तो
- Revenue बढ़ेगा
- Contribution Margin सुधरेगा
- EBITDA बेहतर होगा
- Valuation को समर्थन मिलेगा
लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है तो मौजूदा Valuation को सही ठहराना मुश्किल हो सकता है।
शेयर में 25% गिरावट की आशंका क्यों?
Macquarie का मानना है कि मौजूदा शेयर कीमत में पहले से ही कई सकारात्मक उम्मीदें शामिल हैं।
इनमें शामिल हैं
- तेज Revenue Growth
- अधिक Active Customers
- बेहतर Profitability
- मजबूत Margin Expansion
अगर कंपनी इनमें से किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में पीछे रह जाती है तो शेयर पर दबाव बढ़ सकता है।
इसी वजह से ब्रोकरेज ने “Underperform” Rating देते हुए 125 रुपये का Target Price तय किया है।
