मॉर्गन स्टेनली का अनुमान जून 2026 तक सेंसेक्स 1 लाख अंक पार करेगा

मॉर्गन स्टेनली ने एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार पर अपने बुलिश रुख को दोहराया है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म का कहना है कि जून 2026 तक सेंसेक्स 1,00,000 अंकों का स्तर छू सकता है।

कंपनी के अनुसार, अभी भी अर्निंग्स और मार्केट का पीक बाकी है। ब्रोकरेज हाउस ने बताया कि इक्विटी मार्केट फिलहाल ग्रोथ साइकिल के संभावित मोड़ को कम आंक रहा है।

मॉर्गन स्टेनली के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिधम देसाई का कहना है

“मार्केट में अभी बड़ा अपसाइड बाकी है। जो लोग मानते हैं कि भारत के सबसे अच्छे दिन खत्म हो गए, वे गलत साबित होंगे।”

क्यों बुलिश है मॉर्गन स्टेनली?

  • विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) फिलहाल 2000 के बाद से सबसे कम पोजीशन पर हैं, जिससे ग्लोबल निराशावाद और भारत के प्रति बुलिश व्यू में बड़ा अंतर दिखता है।
  • भारत का मजबूत लोकतंत्र, स्थिर नीतियां, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉर्पोरेट अर्निंग्स देश को लंबी अवधि में ग्रोथ की राह पर बनाए हुए हैं।

मार्केट की मौजूदा चुनौतियां

  • एक्सपोर्ट सेक्टर पर अमेरिका के टैरिफ का असर।
  • कॉर्पोरेट अर्निंग्स में अपेक्षित तेजी नहीं दिख रही।
  • फिर भी लॉन्ग-टर्म आउटलुक पॉजिटिव है।

जीएसटी रिफॉर्म और स्ट्रक्चरल बदलाव भारतीय बाजार को और मजबूत बना सकते हैं। आने वाले दशकों में भारत की ग्लोबल प्रोडक्शन में हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना है।

सेंसेक्स टारगेट और ग्रोथ अनुमान

  • बेस-केस जून 2026 तक सेंसेक्स 89,000 अंक तक पहुंच सकता है, यानी 12% ग्रोथ।
  • बुल-केस सेंसेक्स 1,00,000 तक जा सकता है, अगर तेल की कीमतें US$65 से नीचे रहें, ब्याज दरें कम हों, और जीएसटी सुधार जारी रहें।
  • इस स्थिति में वित्त वर्ष 2025-28 के दौरान अर्निंग्स ग्रोथ रेट 19% सालाना रह सकती है।

भारत का भविष्य क्या होगा नया?

रिधम देसाई के अनुसार, आने वाले सालों में भारत

  • दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बनेगा।
  • ऊर्जा ट्रांजिशन से गुजरेगा।
  • जीडीपी में विनिर्माण की हिस्सेदारी बढ़ाएगा।
  • कर्ज-से-जीडीपी अनुपात में बदलाव होगा।

मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि ये स्ट्रक्चरल बदलाव भारतीय इक्विटी मार्केट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा देंगे।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top