Nifty 50 Technical Analysis डबल टॉप या अगला ब्रेकआउट?

Nifty 50 Technical Analysis डबल टॉप या अगला ब्रेकआउट?

निफ्टी 50 के डेली चार्ट पर डबल टॉप पैटर्न बनता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे बाजार में एक अहम सवाल खड़ा हो गया है—
क्या निफ्टी यहां से नया फ्रेश ब्रेकआउट देगा या फिर डबल टॉप के बाद प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिलेगी?


निफ्टी ने बनाया नया इतिहास, 26,340 का ऑल टाइम हाई

शुक्रवार को Nifty 50 Index ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए 26,340 का नया ऑल टाइम हाई बनाया। यह स्तर बाजार की मजबूत खरीदारी और पॉजिटिव सेंटिमेंट को दर्शाता है।


सितंबर के लो से अब तक मजबूत बुलिश स्ट्रक्चर

सितंबर में 24,600 के लो लेवल के बाद से निफ्टी लगातार
Higher High – Higher Low का पैटर्न बना रहा है।
हर बार जब निफ्टी ने अपने पिछले स्विंग लो से ऊपर टिकाव बनाया, तब इंडेक्स में नया ब्रेकआउट देखने को मिला है।

फिलहाल निफ्टी अपने अब तक के सबसे ऊपरी स्तर पर ट्रेड कर रहा है।


100–150 अंकों का रिट्रेसमेंट भी रहेगा हेल्दी

अगर मौजूदा लेवल से निफ्टी में 100 से 150 अंकों का रिट्रेसमेंट भी आता है, तो टेक्निकल स्ट्रक्चर के हिसाब से इसे कमजोरी नहीं माना जाएगा।
वर्तमान पैटर्न यह संकेत देता है कि ऐसे किसी भी छोटे करेक्शन में फिर से बाइंग उभर सकती है

इसलिए अभी के हालात में निफ्टी में बड़ी गिरावट की उम्मीद करना सही मार्केट व्यू नहीं माना जाएगा


सभी टाइम फ्रेम पर Nifty का स्ट्रक्चर बुलिश

Nifty 50 का टेक्निकल स्ट्रक्चर
15 मिनट के छोटे टाइम फ्रेम से लेकर मंथली चार्ट तक पूरी तरह बुलिश बना हुआ है।

  • कहीं भी ऐसा स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहा
  • जो यह बताए कि निफ्टी में तुरंत बड़ी गिरावट आने वाली है

हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स की एक पुरानी कहावत है—
“जब सब कुछ बहुत परफेक्ट दिखे, तब सतर्क रहना चाहिए।”


प्रॉफिट बुकिंग कब बन सकती है?

अगर मौजूदा स्तरों से निफ्टी में प्रॉफिट बुकिंग के हालात बनते हैं, तो उससे पहले कुछ टेक्निकल कंडीशंस पूरी होनी जरूरी हैं:

  • 1 घंटे के टाइम फ्रेम पर लगातार दो बेयरिश कैंडल बननी चाहिए
  • इसके बाद अगर निफ्टी में एक पुलबैक देखने को मिलता है
  • तब जाकर प्रॉफिट बुकिंग की स्थिति मजबूत मानी जाएगी

जब तक ये संकेत नहीं बनते, तब तक ट्रेंड को बुलिश ही माना जाएगा


निष्कर्ष ट्रेंड के साथ रहना ही बेहतर रणनीति

फिलहाल निफ्टी का स्ट्रक्चर मजबूत है और ट्रेंड स्पष्ट रूप से बुलिश ज़ोन में बना हुआ है।
जब तक कोई स्पष्ट रिवर्सल सिग्नल नहीं मिलता, तब तक ट्रेंड के खिलाफ जाने से बचना ही समझदारी होगी।

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