निफ्टी फिर 24,500 के नीचे बंद, बाजार में बढ़ी अनिश्चितता
भारतीय शेयर बाजार इन दिनों काफी वोलैटाइल (Volatile) बना हुआ है और निफ्टी का हालिया प्रदर्शन इस अनिश्चितता को साफ दर्शाता है। निफ्टी एक बार फिर 24,500 के नीचे क्लोज हुआ है, जिसे कई मार्केट एक्सपर्ट आगे संभावित गिरावट का संकेत मान रहे हैं।
पिछले सप्ताह निफ्टी 24,989 से 24,305 के बीच लगभग 683 अंकों की बड़ी रेंज में ट्रेड करता रहा। हालांकि हफ्ते के अंत में इंडेक्स निचले स्तर के पास स्थिर हुआ, जिससे बाजार की कमजोरी साफ दिखाई देती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले दिनों में बाजार में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।
बाजार में बढ़ी वोलैटिलिटी, ट्रेडर्स को सतर्क रहने की जरूरत
फिलहाल शेयर बाजार का स्ट्रक्चर काफी अस्थिर हो चुका है। वैश्विक घटनाएं, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक खबरें बाजार की दिशा को तेजी से प्रभावित कर रही हैं।
ऐसे माहौल में ट्रेडर्स और निवेशकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
संभव है कि निफ्टी 24,200 और 24,000 के सपोर्ट लेवल के आसपास कुछ बाउंस बैक का संकेत दे। लेकिन अगर वहां कंसोलिडेशन भी देखने को मिले तो भी आक्रामक खरीदारी से बचने की सलाह दी जा रही है।
इसका कारण यह है कि मौजूदा समय में बाजार का मूवमेंट काफी हद तक खबरों पर आधारित हो गया है।
राउंड लेवल पर खरीदारी करना हो सकता है जोखिम भरा
कई बार निवेशक और ट्रेडर्स मनोवैज्ञानिक स्तरों यानी राउंड लेवल पर खरीदारी करने की कोशिश करते हैं, लेकिन मौजूदा बाजार में यह रणनीति जोखिम भरी साबित हो सकती है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी यह कहना मुश्किल है कि निफ्टी किस स्तर से मजबूत बाउंस बैक करेगा। इसलिए बिना पुष्टि के केवल सपोर्ट लेवल देखकर खरीदारी करना नुकसानदायक हो सकता है।
अगर निफ्टी रेजिस्टेंस लेवल से वापस गिरता है, तो बाजार में बिकवाली और तेज हो सकती है।
इसी वजह से ट्रेडर्स को हर पोजीशन में स्ट्रिक्ट स्टॉप लॉस रखना बेहद जरूरी है।
गिरते बाजार में डिफेंसिव स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर
जब बाजार में गिरावट या अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशकों का रुझान आमतौर पर डिफेंसिव सेक्टर की ओर बढ़ जाता है।
डिफेंसिव सेक्टर में आमतौर पर ये उद्योग शामिल होते हैं:
- FMCG सेक्टर
- आईटी सेक्टर
- कंज्यूमर स्टॉक्स
इन सेक्टरों में बाजार की गिरावट का असर अपेक्षाकृत कम देखने को मिलता है। यही कारण है कि अस्थिर बाजार में कई निवेशक रिस्क कम करने के लिए इन स्टॉक्स की ओर रुख करते हैं।
डिफेंस सेक्टर में भी बनी हुई है निवेशकों की दिलचस्पी
पिछले कुछ समय से डिफेंस सेक्टर के शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ी है। भारत सरकार के रक्षा खर्च में बढ़ोतरी और घरेलू रक्षा कंपनियों के विकास के कारण इस सेक्टर में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
हालांकि कुछ लार्ज कैप डिफेंस स्टॉक्स में वैल्यूएशन काफी ऊंचे हो चुके हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
इसके बावजूद बाजार में अनिश्चितता के दौर में डिफेंस सेक्टर निवेशकों की वॉचलिस्ट में बना रह सकता है।
ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए रणनीति
मौजूदा बाजार की स्थिति को देखते हुए निवेशकों और ट्रेडर्स को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए
- स्टॉक स्पेसिफिक अप्रोच अपनाएं
- हर ट्रेड में सख्त स्टॉप लॉस रखें
- बाजार की खबरों और वैश्विक घटनाओं पर नजर रखें
- ओवर ट्रेडिंग से बचें
- मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स को प्राथमिकता दें
क्योंकि इस समय बाजार किसी भी खबर के असर से अचानक तेज मूव कर सकता है, इसलिए जोखिम प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण रणनीति बन जाती है।
निष्कर्ष
निफ्टी का 24,500 के नीचे बंद होना बाजार में कमजोरी का संकेत माना जा रहा है। अगर बिकवाली का दबाव जारी रहा तो 24,200 और 24,000 के स्तर अगले महत्वपूर्ण सपोर्ट बन सकते हैं।
ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय धैर्य और अनुशासन के साथ निवेश रणनीति अपनानी चाहिए। सही स्टॉक चयन, जोखिम प्रबंधन और सख्त स्टॉप लॉस इस अस्थिर बाजार में सबसे जरूरी हथियार साबित हो सकते हैं।
