मार्च 2026 में शेयर बाजार कमजोर, निफ्टी में तेज गिरावट
भारतीय शेयर बाजार के लिए मार्च 2026 अब तक काफी कमजोर महीना साबित हो रहा है।
मुख्य बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 50 में तेज गिरावट देखने को मिली है और यह प्रदर्शन कोविड महामारी के बाद का सबसे खराब मंथली परफॉर्मेंस माना जा रहा है।
आधा महीना भी नहीं बीता, लेकिन गिरावट बड़ी
सबसे अहम बात यह है कि मार्च का महीना अभी आधा भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन बाजार में पहले ही बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार
- मार्च 2026 में अब तक
- निफ्टी लगभग 8% गिर चुका है
यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
कोविड क्रैश से तुलना
अगर मौजूदा गिरावट की तुलना COVID-19 pandemic market crash से करें, तो उस समय बाजार में इससे भी बड़ी गिरावट देखने को मिली थी।
मार्च 2020 में
- निफ्टी लगभग 23% तक गिर गया था
हालांकि मौजूदा गिरावट उतनी बड़ी नहीं है, लेकिन फिर भी पिछले 10 वर्षों में यह दूसरी सबसे बड़ी मंथली गिरावट मानी जा रही है।
Middle East तनाव बना मुख्य कारण
बाजार में कमजोरी का मुख्य कारण मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है।
Iran, United States और Israel के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है।
इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल रहा है।
Crude Oil पर भारत की निर्भरता
India अपनी कुल Crude Oil जरूरत का लगभग 85% आयात करता है।
अगर Middle East में तनाव बढ़ता है या तेल की आपूर्ति प्रभावित होती है, तो इसका सीधा असर
- भारत की अर्थव्यवस्था
- Inflation
- और शेयर बाजार
पर पड़ सकता है।
बाजार में आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर Geopolitical Tension और Crude Oil Price को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में Volatility बनी रह सकती है।
हालांकि लंबी गिरावट के बाद बाजार में तकनीकी bounce या short covering भी देखने को मिल सकती है।
डिस्क्लेमर
शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।
