Nifty में लगातार गिरावट, Oversold Zone में पहुंचा बाजार
भारतीय शेयर बाजार में इस महीने की शुरुआत से ही लगातार बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। 02 मार्च से शुरू हुई गिरावट के बाद बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
शुक्रवार को Nifty 50 एक बार फिर भारी गिरावट के साथ बंद हुआ।
- 488 अंकों की गिरावट
- 23,151 के स्तर पर क्लोज
अब निफ्टी जनवरी 2026 के अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 12% नीचे आ चुका है।
Middle East Tension से हिले ग्लोबल मार्केट
मध्य पूर्व में बढ़ते geopolitical tension ने वैश्विक बाजारों को भी प्रभावित किया है।
Iran, United States और Israel के बीच बढ़ते संघर्ष ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा है और BSE Sensex और Nifty दोनों में लगातार बिकवाली देखी गई है।

10 ट्रेडिंग सेशन में 2200 अंकों की गिरावट
तेज बिकवाली के कारण बाजार में भारी correction देखने को मिला है।
- पिछले 10 ट्रेडिंग सेशन में
- निफ्टी 2200 अंकों से ज्यादा गिर चुका है
इस गिरावट के कारण कई सेक्टर और स्टॉक्स में panic selling भी देखने को मिली।
RSI 25 के पास – Oversold Zone का संकेत
तकनीकी संकेतकों की बात करें तो Relative Strength Index (RSI) भी बाजार में कमजोरी का संकेत दे रहा है।
Relative Strength Index
- निफ्टी का RSI लगभग 25 के आसपास है
- आमतौर पर RSI 30 के नीचे जाने पर स्टॉक या इंडेक्स Oversold Zone में माना जाता है
इसका मतलब है कि बाजार में अत्यधिक बिकवाली हो चुकी है।
क्या Oversold Zone से Bounce संभव?
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार गिरावट के बाद बाजार में Short Covering और Technical Bounce देखने को मिल सकता है।
हालांकि अभी Middle East में चल रहे तनाव के खत्म होने की कोई स्पष्ट खबर नहीं है, इसलिए बाजार में volatility बनी रह सकती है।
फिर भी oversold condition के कारण निफ्टी में एक तकनीकी bounce की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
डिस्क्लेमर
शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।
