Nirmala Sitharaman ने किया GST Reforms का बचाव

GST Reforms पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में GST Reforms का बचाव करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से देश की अर्थव्यवस्था में Consumption Level (उपभोग स्तर) और Tax Collection दोनों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।


Consumption Level में बढ़ोतरी

सीतारमण ने दावा किया कि GST Reforms के चलते आने वाले समय में देश में उपभोग स्तर लगभग 100% तक बढ़ सकता है, जिससे अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा।


Regulators की भूमिका

उन्होंने यह भी कहा कि Regulators को Micro Management की बजाय Soft और Open-Minded Approach अपनानी चाहिए, ताकि व्यवसायों को स्वतंत्र और पारदर्शी माहौल मिल सके।


Petroleum और Alcohol अब भी GST से बाहर

वित्त मंत्री ने साफ कर दिया कि Petroleum और Alcohol अभी भी GST Framework से बाहर रहेंगे और फिलहाल इन्हें शामिल करने की कोई योजना नहीं है।


Tax Collection में उछाल

उनके अनुसार, GST Reforms से देश के Tax Collection में बड़ी बढ़त होगी और सरकार को राजस्व के नए स्रोत मिलेंगे।


Congress पर निशाना

सीतारमण ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा और कहा कि GST को लेकर कांग्रेस का रुख हमेशा असंगत रहा है, जबकि सरकार लगातार सुधारों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।


Capex और Fiscal Deficit पर भरोसा

वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि सरकार का Capex (Capital Expenditure) घटाया नहीं जाएगा और यह बजट लक्ष्य के अनुसार पूरा होगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि Fiscal Deficit घटाना सरकार का अंतिम लक्ष्य है।


Insurance कंपनियों पर जिम्मेदारी

सीतारमण ने कहा कि Insurance Companies को GST Rates में कटौती का फायदा सीधे Consumers तक पहुंचाना होगा, ताकि सुधारों का लाभ आम जनता तक पहुंचे।


GST Structure की सरलता

उन्होंने बताया कि GST के दायरे में आने वाली 99% वस्तुओं और सेवाओं पर Zero, 5% या 18% Tax लगाया जा रहा है।
केवल 1% Luxury और Sin Goods पर 40% Tax लागू है। उनके अनुसार, इस सिस्टम को काफी हद तक Complexity और Confusion से मुक्त कर दिया गया है।


Global Criticism पर प्रतिक्रिया

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी Peter Navarro द्वारा की गई “Brahmins profiteering” टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि किसी विदेशी अधिकारी द्वारा इस तरह की टिप्पणी करना अनुचित है और Global Diplomacy जगत भी इससे हैरान है।


Russian Oil पर भारत का रुख

सीतारमण ने साफ कहा कि चाहे मामला Russian Oil का हो या किसी और संसाधन का, भारत वही फैसला करेगा जो उसके राष्ट्रीय हित में होगा। यानी भारत की रूस से तेल खरीद जारी रहेगी।

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