Niva Bupa पर IRDAI की कार्रवाई, 6 महीने नए बिजनेस ऑफिस पर रोक
Niva Bupa Health Insurance को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे अगले 6 महीने तक कोई नया बिजनेस ऑफिस खोलने से रोक दिया है।
कंपनी ने 20 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंज को इसकी जानकारी दी। IRDAI की यह कार्रवाई वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी द्वारा निर्धारित Expense of Management (EoM) लिमिट का पालन नहीं करने से जुड़ी है।
क्यों हुई Niva Bupa पर कार्रवाई?
कंपनी के अनुसार, IRDAI की कार्रवाई वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान Expense of Management Regulations से संबंधित नियमों के अनुपालन को लेकर हुई है।
Niva Bupa ने कहा है कि वह IRDAI के आदेश का मूल्यांकन कर रही है। साथ ही, कंपनी ने शेयरहोल्डर्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स के हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है।
कंपनी ने EoM Compliance पर क्या कहा?
Niva Bupa के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में उसने IRDAI के Expense of Management Regulations, 2024 का पालन किया है। यह वित्त वर्ष 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ था।
कंपनी ने बताया कि पूरे वित्त वर्ष के दौरान उसका मैनेजमेंट एक्सपेंस इन नियमों के अनुरूप रहा। इसके अलावा, अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में भी कंपनी ने EoM Regulations, 2024 का पालन किया।
कंपनी का कहना है कि मौजूदा वित्त वर्ष में भी वह इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है और EoM compliance बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
Niva Bupa Share Price का प्रदर्शन
IRDAI की कार्रवाई की खबर के बीच Niva Bupa Health Insurance का शेयर 20 अगस्त को 1.26% गिरकर ₹82.90 पर बंद हुआ।
स्टॉक के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो:
- 1 महीने 3.69% की गिरावट
- 6 महीने 7.77% की तेजी
- इस साल अब तक 10.42% की तेजी
- 1 साल 1.73% की गिरावट
इससे साफ है कि अलग-अलग समयावधि में शेयर का प्रदर्शन मिश्रित रहा है।
आगे कंपनी के लिए क्या अहम होगा?
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि Niva Bupa, IRDAI के आदेश के बाद अपने Regulatory Compliance को किस तरह मजबूत करती है। कंपनी की ओर से मौजूदा वित्त वर्ष में EoM Regulations, 2024 के अनुपालन की बात कही गई है।
हालांकि, नए बिजनेस ऑफिस खोलने पर 6 महीने की रोक कंपनी के विस्तार की रणनीति के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। आगे कंपनी और रेग्युलेटर की ओर से आने वाले अपडेट इस मामले में महत्वपूर्ण रहेंगे।
