NSE ने बदला लॉट साइज
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने बैंक निफ्टी (Bank Nifty) और निफ्टी मिडकैप सिलेक्ट (Nifty Midcap Select) के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट के लॉट साइज में बदलाव किया है। यह बदलाव 25 अप्रैल 2025 से लागू होगा और सभी नए कॉन्ट्रैक्ट्स पर प्रभावी रहेगा।
क्या बदलेगा?
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बैंक निफ्टी का लॉट साइज: 30 से बढ़कर 35
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निफ्टी मिडकैप सिलेक्ट का लॉट साइज: 120 से बढ़कर 140
NSE के अनुसार, 24 अप्रैल 2025 और 26 जून 2025 को एक्सपायरी वाले मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स पुराने लॉट साइज (30 और 120) के साथ ही ट्रेड करेंगे।
किन इंडेक्स के लॉट साइज में कोई बदलाव नहीं?
NSE ने स्पष्ट किया है कि निफ्टी 50, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी नेक्स्ट 50 के लॉट साइज में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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निफ्टी 50 – 75 लॉट साइज
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निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज – 65 लॉट साइज
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निफ्टी नेक्स्ट 50 – 25 लॉट साइज
यह बदलाव क्यों किया गया?
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SEBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स को एक निर्धारित सीमा के भीतर बनाए रखने के लिए लॉट साइज में बदलाव किया जाता है।
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NSE का यह कदम बाजार की गतिशीलता (market dynamics) और नियामक आवश्यकताओं के साथ डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स को संरेखित (align) करने का प्रयास है।
ट्रेडर्स के लिए क्या मायने रखता है?
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बैंक निफ्टी और निफ्टी मिडकैप सिलेक्ट में अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी, क्योंकि लॉट साइज बढ़ने से मार्जिन भी बढ़ेगा।
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पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स अपनी एक्सपायरी तक पुराने लॉट साइज पर ही ट्रेड करेंगे।
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निफ्टी 50, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी नेक्स्ट 50 के ट्रेडर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा।


