NSE IPO 2026 10 साल बाद 17 सितंबर को खुलेगा IPO, सिर्फ BSE पर होगी Listing

NSE IPO 2026 10 साल बाद 17 सितंबर को खुलेगा IPO, सिर्फ BSE पर होगी Listing

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE करीब एक दशक के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी में है। NSE का IPO 17 सितंबर को आम निवेशकों के लिए खुलने की उम्मीद है, जबकि इसके शेयरों की 25 सितंबर को Stock Market में Listing हो सकती है।

इसके साथ ही NSE की Listing की वह लंबी प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है, जिसकी चर्चा करीब 2016 से होती रही है।

IPO का Price Band तय होने से पहले बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर थी कि क्या NSE के शेयरों की Trading उसके अपने Platform पर भी होगी।

NSE अपने ही Platform पर क्यों नहीं होगा List?

NSE अपने शेयरों की Trading अपने ही Platform पर शुरू करने के लिए SEBI से मंजूरी मांगने की योजना नहीं बना रहा है

NSE के MD और CEO आशीष चौहान ने हाल ही में इस बारे में स्थिति साफ की थी। NSE के शेयरों की Listing सिर्फ BSE पर होने की उम्मीद है।

इसका कारण SEBI के मौजूदा नियम हैं। इन नियमों के तहत किसी Recognised Stock Exchange को अपने ही Platform पर अपने शेयरों को List करने की अनुमति नहीं है।

Ashika Capital के Senior Associate ईशान तन्ना के मुताबिक इस मामले में Regulatory Position स्पष्ट है। NSE अपने ही Exchange पर अपने शेयरों को List नहीं कर सकता, क्योंकि Securities Market Regulations के तहत किसी Exchange को अपने ही शेयरों की Listing की अनुमति नहीं है।

NSE अपने ही शेयरों की Trading क्यों नहीं कर सकता?

किसी Stock Exchange की भूमिका सिर्फ शेयरों की Trading कराने तक सीमित नहीं होती। Exchange Trading System को Operate करने के साथ-साथ बाजार की गतिविधियों पर नजर रखता है और अपने Platform पर होने वाली Trading की निगरानी भी करता है।

अगर NSE के अपने शेयरों की Trading भी NSE पर होती, तो एक ऐसी स्थिति बन सकती थी जहां Exchange को अपने ही शेयरों में होने वाली Trading की निगरानी करनी पड़ती।

यही वजह है कि अपने ही Platform पर Listing को Governance और Regulatory Perspective से उचित नहीं माना जाता।

इसलिए NSE के शेयर किसी दूसरे Recognised Stock Exchange पर Trade होंगे।

सिर्फ BSE पर Listing से क्या बदलेगा?

NSE का अपने Platform पर List न होना कंपनी के लिए कोई बड़ी परेशानी नहीं मानी जा रही है।

NSE के शेयर BSE पर Listed Company के रूप में Trade कर सकते हैं। इससे NSE की दो अलग-अलग भूमिकाओं के बीच जरूरी दूरी बनी रहेगी।

एक तरफ NSE एक Publicly Listed Company होगी, जबकि दूसरी तरफ वह देश के प्रमुख Stock Market Operators में से एक के रूप में काम करता रहेगा।

इस व्यवस्था से Trading Platform और Listed Company के बीच संभावित Conflict of Interest को कम रखने में मदद मिलती है।

NSE IPO पूरी तरह OFS होगा

NSE का IPO Offer for Sale यानी OFS होने की उम्मीद है।

इसका मतलब है कि IPO के जरिए NSE खुद नए शेयर जारी करके पैसा नहीं जुटाएगा। इसके बजाय कंपनी के मौजूदा Shareholders अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचेंगे और ये शेयर Public Investors को दिए जाएंगे।

इसलिए IPO से मिलने वाली रकम सीधे NSE के पास नहीं जाएगी। बिक्री से प्राप्त पैसा उन Existing Shareholders को मिलेगा, जो अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।

NSE IPO का Size हुआ कम

NSE ने पहले 14.89 करोड़ शेयरों तक के OFS का प्रस्ताव रखा था। हालांकि Updated Filing में Offer Size को घटाकर करीब 12.64 करोड़ शेयर कर दिया गया है।

इसके साथ ही NSE IPO का संभावित Issue Size भी पहले के अनुमान से कम हो गया है।

अब NSE IPO का Size करीब ₹22,500-23,500 करोड़ रहने की उम्मीद है, जबकि पहले बाजार में करीब ₹30,000 करोड़ के Issue Size का अनुमान लगाया जा रहा था।

यानी Updated Filing के बाद IPO का Size करीब ₹30,000 करोड़ के पुराने अनुमान से काफी कम है।

NSE IPO क्यों है खास?

NSE की Listing भारतीय Capital Market के लिए भी एक महत्वपूर्ण घटना होगी। NSE देश के सबसे बड़े Stock Exchanges में से एक है और इसकी Public Listing से Investors को Exchange Business में सीधे हिस्सेदारी लेने का मौका मिलेगा।

हालांकि, IPO में निवेश से पहले Investors के लिए सिर्फ NSE के Brand और Market Position को देखना पर्याप्त नहीं होगा। IPO Valuation, Issue Price, Earnings, Revenue Growth और Exchange Business से जुड़े Regulatory Risks को भी समझना जरूरी होगा।

निष्कर्ष

करीब 10 साल के इंतजार के बाद NSE IPO अब बाजार में आने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। IPO 17 सितंबर को खुलने और शेयरों की 25 सितंबर को Listing होने की उम्मीद है।

NSE के शेयर अपने ही Exchange पर List नहीं होंगे और इनकी Listing BSE पर होने की उम्मीद है। Regulatory Rules के कारण NSE अपने Platform पर अपने शेयरों की Trading शुरू करने के लिए SEBI से मंजूरी मांगने की योजना नहीं बना रहा है।

वहीं, Updated Filing के बाद OFS Size घटकर करीब 12.64 करोड़ शेयर रह गया है और IPO का संभावित Size अब करीब ₹22,500-23,500 करोड़ रहने की उम्मीद है।

आने वाले दिनों में NSE IPO का Price Band और अंतिम Issue Details सामने आने के बाद Investors के लिए इसकी Valuation और संभावित Listing को समझना ज्यादा आसान होगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top