NSE पर यूनिक निवेशकों की संख्या 12 करोड़ के पार
NSE का नया मुकाम
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 23 सितंबर 2025 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अब NSE पर यूनिक निवेशकों की संख्या 12 करोड़ के पार पहुँच गई है।
- केवल 8 महीनों में ही 1 करोड़ नए निवेशक जुड़े, जनवरी 2025 तक यह संख्या 11 करोड़ थी।
- NSE की शुरुआत से लेकर पहले 1 करोड़ निवेशक जोड़ने में 14 साल लगे थे, लेकिन अब सिर्फ महीनों में ही करोड़ों निवेशक जुड़ रहे हैं।
निवेशकों की प्रोफ़ाइल
- NSE पर यूनिक निवेशकों की मीडियन उम्र 33 साल है, जबकि 5 साल पहले यह 38 साल थी।
- इनमें से 40% निवेशक 30 साल से कम उम्र के हैं।
- NSE पर अब तक 25.5 करोड़ से अधिक अकाउंट खोले जा चुके हैं (कई निवेशकों के एक से ज्यादा अकाउंट हैं)।
- निवेशक अब भारत के 99.85% पिन कोड से जुड़े हुए हैं।

निवेशकों की ग्रोथ Journey
- 1 करोड़ निवेशक → NSE की शुरुआत के 14 साल बाद।
- अगले 1 करोड़ निवेशक → 7 साल में।
- तीसरे 1 करोड़ → 3.5 साल में।
- चौथे 1 करोड़ → सिर्फ 1 साल में।
- 2021 तक यूनिक निवेशक → 4 करोड़ (25 साल लगे)।
- अब केवल 8 महीनों में 1 करोड़ नए निवेशक जुड़े।
यह ग्रोथ दिखाती है कि भारतीय मध्यम वर्ग और यंग जेनरेशन तेजी से स्टॉक मार्केट की ओर आकर्षित हो रही है।
राज्यवार निवेशकों का योगदान
31 अगस्त 2025 तक, तीन राज्यों से 1 करोड़ से ज्यादा यूनिक निवेशक NSE से जुड़े हैं:
- महाराष्ट्र – 1.9 करोड़ निवेशक
- उत्तर प्रदेश – 1.4 करोड़ निवेशक
- गुजरात – 1.03 करोड़ निवेशक
निवेशकों की बढ़ोतरी के पीछे कारण
- डिजिटलीकरण और Fintech Apps की आसान पहुँच
- युवाओं की भागीदारी और तेजी से बदलता Investment Culture
- मध्यम वर्ग का विस्तार और Wealth Creation की बढ़ती सोच
- आसान और यूज़र-फ्रेंडली Trading Platforms
