एफआईआई की भूमिका से निफ्टी में दिख सकती है तूफानी तेजी
निफ्टी और सेंसेक्स का हाल
सितंबर 2024 में निफ्टी ने 26,277 का ऑल टाइम हाई लेवल बनाया था, लेकिन उसके बाद इंडेक्स ने लगभग 8% की गिरावट दर्ज की। इसके बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी पर कोई बड़ा डेंट नहीं पड़ा, और दोनों इंडेक्स अपनी मजबूत पोजीशन पर बने रहे।
एफआईआई (Foreign Institutional Investors) का असर
- अगर एफआईआई लगातार नेट बायर्स बनते हैं, तो निफ्टी में 25,500 से 25,800 तक की तेजी देखी जा सकती है।
- इसके लिए अमेरिकी बाजारों से कोई नेगेटिव खबर (जैसे हाई टैरिफ) नहीं आनी चाहिए।
- फिलहाल 24,700 का लेवल निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

एफआईआई की हालिया गतिविधियां
- सितंबर 2025 में एफआईआई ने कैश मार्केट से कुल ₹35,301.36 करोड़ की बिकवाली की।
- 1 अक्टूबर 2025 को भी उन्होंने ₹1,605.20 करोड़ की नेट सेलिंग की।
- इसके बावजूद, DII (Domestic Institutional Investors) और रिटेल इन्वेस्टर्स ने खरीदारी की, जिससे बाजार में बड़ी गिरावट नहीं आई।
पॉज़िटिव फैक्टर्स
- GST में राहत के बाद एफआईआई भारतीय बाजार में वापस खरीदार बन सकते हैं।
- चीन ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कुछ सेगमेंट में प्रोडक्शन घटाया है, जिससे ग्लोबल मेटल मार्केट प्रभावित हुआ है। यह एफआईआई को भारतीय बाजार की ओर आकर्षित कर सकता है।
- RBI ने GDP ग्रोथ प्रोजेक्शन 6.5% से बढ़ाकर 6.8% किया है, जिससे मार्केट में पॉज़िटिव सेंटिमेंट बढ़ा है।
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार का मूवमेंट आने वाले दिनों में पूरी तरह से एफआईआई की बाइंग पर निर्भर रहेगा। अगर वे लगातार खरीदार बने रहते हैं तो निफ्टी 25,500 से ऊपर जाकर 25,800 का स्तर छू सकता है। वहीं, 24,700 पर मजबूत सपोर्ट बना रहेगा।
