Oil PSU Stocks में बड़ी गिरावट

Oil PSU Stocks में बड़ी गिरावट

सोमवार का कारोबारी दिन भारत की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के लिए कमजोर साबित होता दिखाई दिया।

कारोबार के दौरान Indian Oil Corporation, Hindustan Petroleum Corporation Limited और Bharat Petroleum Corporation Limited के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली।

शुरुआती कारोबार में इन शेयरों में लगभग 9% तक की गिरावट दर्ज की गई।

खबर लिखे जाने तक

  • Indian Oil Corporation (IOC) के शेयर लगभग 4% से ज्यादा गिरकर ट्रेड कर रहे थे
  • Hindustan Petroleum (HPCL) के शेयर करीब 5% नीचे थे
  • Bharat Petroleum (BPCL) के शेयर भी करीब 5% गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे

इस गिरावट की प्रमुख वजह एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट रही।


UBS ने घटाई तीनों कंपनियों की Rating

इंटरनेशनल ब्रोकरेज फर्म UBS ने इन तीनों भारतीय ऑयल कंपनियों की rating downgrade कर दी है।

ब्रोकरेज के मुताबिक आने वाले समय में इन कंपनियों के profit outlook को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

UBS ने

  • Indian Oil Corporation की रेटिंग को Neutral कर दिया
  • Bharat Petroleum Corporation Limited की रेटिंग को भी Neutral कर दिया
  • Hindustan Petroleum Corporation Limited के शेयर पर Sell rating दी है

Neutral rating का मतलब यह है कि फिलहाल शेयर में सीमित upside या downside की संभावना देखी जा रही है।


Target Price में भी कटौती

ब्रोकरेज फर्म ने इन कंपनियों के target price भी कम कर दिए हैं।

नई रिपोर्ट के अनुसार

  • Indian Oil Corporation का टारगेट ₹190 से घटाकर ₹175 कर दिया गया
  • Bharat Petroleum Corporation Limited का टारगेट ₹425 से घटाकर ₹365 कर दिया गया
  • Hindustan Petroleum Corporation Limited का टारगेट ₹540 से घटाकर ₹340 कर दिया गया

यह कटौती यह संकेत देती है कि ब्रोकरेज हाउस को इन कंपनियों के शेयरों में आने वाले समय में सीमित ग्रोथ दिखाई दे रही है।


कच्चे तेल की कीमतें बढ़ना बड़ी चिंता

UBS के विश्लेषकों के अनुसार हाल के दिनों में global geopolitical tensions और crude oil prices में तेजी ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मुनाफे का अनुमान लगाना मुश्किल बना दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति कुछ हद तक 2022 Global Energy Crisis के दौरान बने माहौल जैसी हो सकती है, जब ऊर्जा बाजार में भारी अस्थिरता देखी गई थी।

अगर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती हैं तो इसका सीधा असर इन कंपनियों के मार्जिन पर पड़ सकता है।


क्यों प्रभावित होता है OMC कंपनियों का मुनाफा?

भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां मुख्य रूप से fuel distribution business पर निर्भर करती हैं।

जब crude oil prices तेजी से बढ़ते हैं तो आमतौर पर

  • कच्चे तेल का आयात महंगा हो जाता है
  • कंपनियों की लागत बढ़ जाती है
  • retail fuel prices तुरंत बढ़ाना आसान नहीं होता

इसका कारण यह है कि ईंधन की खुदरा कीमतों और टैक्स स्ट्रक्चर पर कुछ हद तक नियंत्रण रहता है।


रुपये की कमजोरी भी बढ़ाती है दबाव

अगर इसी दौरान भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो स्थिति और कठिन हो जाती है।

क्योंकि भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए

  • डॉलर मजबूत होने पर आयात लागत बढ़ जाती है
  • कंपनियों का profit margin और कम हो सकता है

यह वजह भी OMC कंपनियों के शेयरों पर दबाव डाल सकती है।


Refining बनाम Fuel Marketing

इन कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा fuel marketing और distribution से आता है।

जब मुनाफा refining margins पर ज्यादा निर्भर होने लगता है और fuel marketing margins कमजोर होते हैं, तो इन कंपनियों के overall profitability पर दबाव बढ़ जाता है।

यही कारण है कि बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक इन स्टॉक्स में सतर्कता बरतते हैं।


निवेशकों के लिए क्या संकेत?

मौजूदा परिस्थितियों में oil marketing companies के शेयरों में volatility बनी रह सकती है।

निवेशकों को इन कारकों पर नजर रखनी चाहिए

  • crude oil price movement
  • global geopolitical developments
  • government fuel pricing policies

इन सभी फैक्टर्स का इन कंपनियों की profitability और share price पर सीधा असर पड़ सकता है।

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