ऑयल स्टॉक्स में 4% तक गिरावट
तेल और गैस सेक्टर की प्रमुख कंपनियों
- Oil and Natural Gas Corporation (ONGC)
- Oil India Limited
- Seamec Limited
के शेयरों में करीब 4% तक की गिरावट दर्ज की गई।
इस गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई नरमी है।
अमेरिका-ईरान बातचीत से बदला सेंटीमेंट
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे परमाणु विवाद को लेकर हाल में बातचीत आगे बढ़ी है।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि वार्ता में कुछ बुनियादी सिद्धांतों पर सहमति बनी है, हालांकि अंतिम समझौता अभी दूर है।
बाजार ने इस खबर को सकारात्मक रूप से लिया।
अगर मिडिल ईस्ट में तनाव कम होता है, तो तेल सप्लाई में रुकावट की आशंका घटती है।
सप्लाई सामान्य रहने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बनता है।

क्रूड ऑयल की मौजूदा कीमतें
- Brent Crude मामूली गिरावट के साथ $67.39 प्रति बैरल
- West Texas Intermediate (WTI) करीब $62.28 प्रति बैरल
दोनों ही कीमतें लगभग दो हफ्ते के निचले स्तर के आसपास पहुंच गई हैं।
कच्चे तेल की गिरावट का कंपनियों पर असर
कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर अलग-अलग कंपनियों पर अलग तरीके से पड़ता है:
अपस्ट्रीम कंपनियां (Exploration & Production)
जैसे ONGC और Oil India
- इन कंपनियों को हर बैरल पर कम कीमत मिलती है
- इससे राजस्व और मुनाफे पर दबाव आता है
- इसलिए इनके शेयरों में गिरावट देखी गई
डाउनस्ट्रीम कंपनियां (Refining & Marketing)
- कम कच्चा तेल मतलब कम इनपुट कॉस्ट
- रिफाइनिंग मार्जिन बेहतर हो सकते हैं
- इन कंपनियों को सापेक्ष लाभ मिल सकता है
एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?
नई दिल्ली स्थित रिसर्च फर्म SS WealthStreet की फाउंडर Sugandha Sachdeva के अनुसार:
- तकनीकी संकेतों के आधार पर क्रूड ऑयल में उछाल संभव है
- लेकिन अंतिम समझौते की संभावना अभी स्पष्ट नहीं
- बाजार कूटनीतिक प्रगति की स्थिरता को लेकर सतर्क है
यानी, फिलहाल बाजार “wait and watch” मोड में है।
निष्कर्ष
अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की खबर से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है, जिसका सीधा असर अपस्ट्रीम ऑयल कंपनियों के शेयरों पर पड़ा।
