Pre Market Report 1 June 2026
भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का कारोबारी सत्र उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। शुरुआती संकेत बताते हैं कि बाजार दबाव के साथ खुल सकता है। इसकी प्रमुख वजह कमजोर Gift Nifty, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और तकनीकी चार्ट पर बनती कमजोरी है।
हालांकि, वैश्विक बाजारों से कुछ सकारात्मक संकेत भी मिल रहे हैं, जिससे बाजार में बड़ी गिरावट की संभावना सीमित हो सकती है। निवेशकों की नजर आज India-US Trade Talks, Crude Oil Prices और FII-DII गतिविधियों पर बनी रहेगी।
Gift Nifty दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज कमजोर रहने की संभावना दिखाई दे रही है। Gift Nifty लगभग 23,716 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जो Nifty Futures के मुकाबले करीब 46 अंकों के डिस्काउंट पर था।
आमतौर पर Gift Nifty का डिस्काउंट पर कारोबार करना यह संकेत देता है कि निवेशकों का शुरुआती सेंटीमेंट कमजोर है और NSE तथा BSE में दबाव देखने को मिल सकता है।

Global Markets से मिले मिश्रित संकेत
वैश्विक बाजारों का रुख पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। एशियाई बाजारों में मजबूती देखने को मिली है, जिसका मुख्य कारण Artificial Intelligence (AI) और Semiconductor सेक्टर में बढ़ती मांग है।
जापान का प्रमुख Nikkei 225 Index लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। दूसरी ओर अमेरिकी शेयर बाजारों में भी सकारात्मक माहौल बना रहा।
Wall Street Closing Highlights
- Dow Jones हरे निशान में बंद हुआ।
- S&P 500 में मजबूती दर्ज की गई।
- Nasdaq Composite ने भी बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया।
यह सकारात्मक वैश्विक संकेत भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट को सीमित करने में मदद कर सकते हैं।
मई महीना भारतीय बाजार के लिए रहा निराशाजनक
मई 2026 भारतीय इक्विटी बाजार के लिए काफी कमजोर साबित हुआ।
प्रमुख इंडेक्स का प्रदर्शन
| Index | मई में प्रदर्शन |
|---|---|
| BSE Sensex | -2.8% |
| Nifty 50 | -1.9% |
पिछले कई वर्षों में मई का यह सबसे कमजोर प्रदर्शन माना जा रहा है। ऊंचे स्तरों पर Profit Booking और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया।

Crude Oil की तेजी बढ़ा रही चिंता
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है।
एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत जारी है, वहीं दूसरी ओर इजराइल ने लेबनान में अपने सैन्य अभियान को तेज कर दिया है।
इन घटनाओं के बीच:
- Brent Crude लगभग 92 डॉलर प्रति बैरल
- WTI Crude लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल
के आसपास पहुंच गया है।
भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए बढ़ता Crude Oil महंगाई, चालू खाता घाटा और रुपये पर दबाव बढ़ा सकता है।
FII की बिकवाली बनी बाजार की सबसे बड़ी चिंता
विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।
मई 2026 FII डेटा
- FPI/FII Net Selling: ₹32,963 करोड़
2026 में अब तक
- कुल निकासी ₹2.25 लाख करोड़
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि विदेशी निवेशकों का रुख फिलहाल भारतीय इक्विटी बाजार के प्रति सतर्क बना हुआ है।
हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की लगातार खरीदारी बाजार को महत्वपूर्ण समर्थन दे रही है।
RBI ने रुपये को दिया सहारा
रुपये में कमजोरी को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रहा है।
पिछले 15 दिनों में RBI ने 15 अरब डॉलर से अधिक खर्च कर रुपये को स्थिर रखने का प्रयास किया है।
सकारात्मक बात यह है कि इसके बावजूद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) 681 अरब डॉलर से ऊपर बना हुआ है, जो देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है।
India-US Trade Deal पर निवेशकों की नजर
1 जून से 4 जून के बीच नई दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण व्यापार वार्ता होने जा रही है।
बाजार की उम्मीद है कि दोनों देश एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
यदि वार्ता सकारात्मक रहती है तो इससे निर्यात, विनिर्माण और कई सेक्टर्स को फायदा मिल सकता है।
Nifty 50 Technical Analysis
Nifty 50 इंडेक्स 23,548 के स्तर पर 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
तकनीकी संकेत
- लगातार तीसरे दिन Long Bearish Candle बनी।
- ऊपरी स्तरों पर Profit Booking जारी है।
- Index 10-Day EMA (23,769) से नीचे फिसल चुका है।
- 20-Day SMA (24,060) के नीचे कारोबार कर रहा है।
- 0.382 Fibonacci Level (23,781.50) के नीचे रहना कमजोरी का संकेत है।
इन संकेतों से स्पष्ट है कि फिलहाल बाजार में Short-Term Momentum कमजोर बना हुआ है।
Nifty Options Data
प्रमुख Resistance Zone
- 23,800
- 24,000
- 24,200
प्रमुख Support Zone
- 23,500
- 23,200
- 23,000
Open Interest Data
- Maximum Call OI 24,000 Strike
- Maximum Put OI 23,000 Strike
जब तक Nifty 23,800 के ऊपर टिकने में सफल नहीं होता, तब तक बाजार पर दबाव बना रह सकता है।
Bank Nifty Technical Analysis
Bank Nifty 54,239 के स्तर पर 1.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
बैंकिंग इंडेक्स भी लगातार कमजोरी दिखा रहा है और महत्वपूर्ण स्तरों के आसपास संघर्ष करता नजर आ रहा है।
प्रमुख तकनीकी संकेत
- लगातार तीसरे सत्र में 50-Day EMA के ऊपर टिक नहीं पाया।
- 0.382 Fibonacci Level (54,422) के आसपास कारोबार।
- RSI गिरकर 46.91 पर पहुंचा।
- Momentum में कमजोरी दिखाई दे रही है।
- MACD अभी Positive Zone में है, लेकिन तेजी की ताकत कम होती दिख रही है।
Bank Nifty Options Data
Resistance Zone
- 55,000
- 55,400
- 55,800
Support Zone
- 54,500
- 54,200
- 54,000
Open Interest
- Maximum Call OI: 55,000 Strike
- Maximum Put OI: 54,000 Strike
54,000 का स्तर Bank Nifty के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है।
FII-DII Data Today
| Category | Value |
|---|---|
| FII Net Sell | ₹21,105.9 करोड़ |
| DII Net Buy | ₹16,764.1 करोड़ |
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि घरेलू निवेशकों की खरीदारी बाजार को संभालने का प्रयास कर रही है, लेकिन विदेशी निवेशकों की आक्रामक बिकवाली अभी भी बाजार पर भारी पड़ रही है।
आज के लिए बाजार की रणनीति
आज के कारोबारी सत्र में निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। कमजोर Gift Nifty, बढ़ती Crude Oil कीमतें, लगातार FII Selling और तकनीकी चार्ट पर दिखाई दे रही कमजोरी बाजार पर दबाव बनाए रख सकती है।
हालांकि, मजबूत DII Buying, सकारात्मक Global Markets और India-US Trade Talks से जुड़े संभावित सकारात्मक परिणाम बाजार को कुछ राहत दे सकते हैं।
आज नजर रखने वाले प्रमुख ट्रिगर्स
- Gift Nifty Movement
- FII-DII Data
- Crude Oil Prices
- India-US Trade Talks
- Rupee Movement
- Global Market Trends
- Nifty 23,500 और Bank Nifty 54,000 के महत्वपूर्ण स्तर
यदि Nifty 23,500 के नीचे फिसलता है तो दबाव और बढ़ सकता है, जबकि 23,800 के ऊपर टिकने पर बाजार में राहत भरी रिकवरी देखने को मिल सकती है।
