PSU Stocks सरकार 4 सरकारी कंपनियों में बेच सकती है हिस्सेदारी
सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में कुछ सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। इसके लिए Offer for Sale (OFS) का रास्ता अपनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार Hindustan Zinc, Hindustan Copper, Mazagon Dock Shipbuilders (MDL) और IRCTC में हिस्सेदारी बिक्री की योजना पर काम कर रही है।
प्रस्तावित योजना के तहत Hindustan Zinc में करीब 1.5% हिस्सेदारी, जबकि Hindustan Copper, MDL और IRCTC में लगभग 5%-5% हिस्सेदारी बेचने की संभावना है।
इनमें Hindustan Zinc और Hindustan Copper को फिलहाल प्राथमिकता दी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों कंपनियों में हिस्सेदारी बिक्री की तैयारी आगे बढ़ चुकी है और इसके लिए merchant bankers की नियुक्ति भी की जा चुकी है। ऐसे में इन दोनों कंपनियों का OFS पहले आने की संभावना जताई जा रही है।
किन सरकारी कंपनियों में बिक सकती है हिस्सेदारी?
सरकार की संभावित हिस्सेदारी बिक्री पर फिलहाल चार प्रमुख PSU stocks की नजर है:
| कंपनी | संभावित हिस्सेदारी बिक्री |
|---|---|
| Hindustan Zinc | करीब 1.5% |
| Hindustan Copper | करीब 5% |
| Mazagon Dock Shipbuilders | करीब 5% |
| IRCTC | करीब 5% |
हालांकि, ये शुरुआती अनुमान हैं। अंतिम हिस्सेदारी कितनी बेची जाएगी, इसका फैसला OFS लॉन्च के समय बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग को देखते हुए किया जा सकता है।
Hindustan Zinc और Hindustan Copper पर सबसे ज्यादा फोकस
सरकार की योजना में Hindustan Zinc और Hindustan Copper को अपेक्षाकृत ज्यादा प्राथमिकता मिलने की बात सामने आई है।
Hindustan Zinc में प्रस्तावित हिस्सेदारी करीब 1.5% है, जो बाकी तीन कंपनियों में प्रस्तावित 5% हिस्सेदारी से कम है। लेकिन कंपनी का market capitalization बड़ा होने के कारण इतनी छोटी हिस्सेदारी बिक्री से भी सरकार को बड़ी रकम मिलने की संभावना है।
वहीं, Hindustan Copper में सरकार करीब 5% हिस्सेदारी बेच सकती है। यह हिस्सेदारी MDL और IRCTC में प्रस्तावित हिस्सेदारी बिक्री के लगभग बराबर है।
हालांकि, OFS के समय बाजार की स्थिति को देखते हुए सरकार हिस्सेदारी का अंतिम प्रतिशत तय कर सकती है।
Merchant Bankers की नियुक्ति से मिले संकेत
सरकार की हिस्सेदारी बिक्री की तैयारियों का संकेत हाल में हुई merchant bankers की नियुक्तियों से भी मिलता है।
पिछले करीब एक महीने में पांच merchant bankers नियुक्त किए गए हैं। इन्हें Hindustan Zinc, Hindustan Copper, MDL, IRCTC और एक अन्य कंपनी से जुड़ी संभावित हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया में जिम्मेदारी दी गई है।
हालांकि, इन कंपनियों में OFS किस क्रम में लॉन्च होगा, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
इसके अलावा, हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया संभालने वाले merchant bankers को भी OFS की launch date काफी पहले नहीं बताई जाती। सूत्रों के मुताबिक, कई मामलों में उन्हें OFS शुरू होने से सिर्फ एक दिन पहले या उसके आसपास इसकी जानकारी दी जाती है।
LIC OFS के बाद सरकार की अगली तैयारी
सरकार की यह संभावित हिस्सेदारी बिक्री ऐसे समय में सामने आई है, जब इसी महीने की शुरुआत में LIC का OFS पूरा किया गया है।
LIC का OFS मौजूदा वित्त वर्ष में सरकार की अब तक की सबसे बड़ी हिस्सेदारी बिक्री रही। इस OFS के जरिए सरकार ने 6.5% हिस्सेदारी ₹382 प्रति शेयर के floor price पर बेची थी।
LIC की हिस्सेदारी बिक्री पूरी होने के बाद अब सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपनी अगली disinvestment योजनाओं पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
FY27 में इन सरकारी कंपनियों में भी हो चुकी है हिस्सेदारी बिक्री
सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक कई सरकारी कंपनियों में OFS और अन्य तरीकों से हिस्सेदारी बिक्री कर चुकी है।
इनमें
- Coal India
- NHPC
- General Insurance Corporation
- Central Bank of India
- Indian Railway Finance Corporation
- LIC
शामिल हैं।
अब Hindustan Zinc, Hindustan Copper, MDL और IRCTC के लिए merchant bankers की नियुक्ति से संकेत मिल रहा है कि सरकार वित्त वर्ष के बाकी हिस्से में भी disinvestment programme को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
सरकार ने FY27 में अब तक कितने पैसे जुटाए?
DIPAM के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक सरकार ने कुल ₹61,638.61 करोड़ जुटाए हैं।
इसमें
- Disinvestment ₹52,716.02 करोड़
- Asset Monetisation ₹6,366.93 करोड़
- Dividend ₹2,555.66 करोड़
शामिल हैं।
इससे साफ है कि सरकार revenue जुटाने के लिए केवल सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बिक्री पर निर्भर नहीं है। Disinvestment के अलावा asset monetisation और PSU dividends भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण स्रोत बने हुए हैं।
PSU Stocks में निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब?
अगर सरकार Hindustan Zinc, Hindustan Copper, MDL और IRCTC में OFS लाती है, तो इन कंपनियों के शेयरों में short-term volatility देखने को मिल सकती है।
OFS के दौरान सरकार आमतौर पर एक floor price तय करती है और institutional तथा अन्य eligible investors को शेयर खरीदने का अवसर मिलता है। इसलिए संभावित OFS की खबर इन stocks में निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकती है।
हालांकि, सिर्फ सरकार की हिस्सेदारी बिक्री की खबर के आधार पर किसी PSU stock में खरीदारी या बिकवाली का फैसला करना उचित नहीं होगा। कंपनी के valuation, earnings, business outlook और OFS की अंतिम शर्तों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
