कॉरपोरेट अर्निंग सीज़न की शुरुआत
वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के लिए कॉरपोरेट अर्निंग सीज़न शुरू हो गया है।
कंपनियां अब अपने Q2 FY26 Earnings Results साझा कर रही हैं।
पहली तिमाही में कंपनियों के नतीजे कमजोर रहे थे, लेकिन बाजार में यह उम्मीद थी कि दूसरी तिमाही में सुधार देखने को मिलेगा। हालांकि शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि यह तिमाही भी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकती।
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में चिंता के संकेत
Motilal Oswal Financial Services के अनुमानों के मुताबिक,
53 लिस्टेड कंपनियों के नेट प्रॉफिट में दोहरे अंकों की गिरावट आ सकती है।
ऑटोमोबाइल, मेटल, और बैंकिंग सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों पर इसका असर पड़ेगा।
मुख्य कंपनियों का अनुमानित प्रदर्शन
- Tata Motors साल-दर-साल (YoY) 31% मुनाफे में गिरावट की संभावना।
- Axis Bank मुनाफे में 20% की गिरावट, जिसका कारण मार्जिन प्रेशर और उच्च प्रावधान (High Provisioning) बताया जा रहा है।
- ABB India और Thermax दोनों कंपनियों के मुनाफे में लगभग 10% गिरावट का अनुमान।
- Bharat Forge कमजोर ऑर्डर फ्लो और निर्यात में कमी के चलते 13% गिरावट की संभावना।

मेटल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर दबाव
- Hindalco Industries Q2 में मुनाफे में लगभग 15% की गिरावट का अनुमान।
- Deepak Nitrite कम इन्वेंट्री घाटे के कारण 41% तक की भारी गिरावट की संभावना।
- Amara Raja Batteries Q2 में 14% की गिरावट के संकेत।
मार्जिन प्रेशर वाली कंपनियां
मार्जिन के दबाव के चलते कई कंपनियों के परिणाम कमजोर रह सकते हैं —
- Samvardhana Motherson,
- Sona BLW Precision Forgings,
- Zen Technologies
इन कंपनियों के मुनाफे में 11% से 39% तक की गिरावट दर्ज हो सकती है।
निफ्टी 50 की स्थिति
हालांकि कमजोर अर्निंग के बावजूद,
Nifty 50 की आय FY26 की दूसरी तिमाही में साल-दर-साल लगभग 6% बढ़ने की संभावना जताई गई है,
जो इंडेक्स के स्थिर प्रदर्शन का संकेत देती है।
