Rajesh Exports के शेयर में लगा लोअर सर्किट, SEBI की कार्रवाई से निवेशकों में हड़कंप

Rajesh Exports के शेयर में लगा लोअर सर्किट, SEBI की कार्रवाई से निवेशकों में हड़कंप

ज्वैलरी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Rajesh Exports के शेयरों में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कंपनी का शेयर 5% के लोअर सर्किट के साथ ₹103.92 पर लॉक हो गया। इस तेज गिरावट की मुख्य वजह भारतीय बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India (SEBI) द्वारा जारी किया गया अंतरिम आदेश है।

SEBI ने कंपनी और उसके प्रमोटर Rajesh Mehta के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और कथित फंड डायवर्जन से जुड़े शुरुआती सबूत मिलने की बात कही है। इस खबर के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई और शेयर पर भारी दबाव देखने को मिला।

LIC भी है बड़ी शेयरधारक

कंपनी में देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी Life Insurance Corporation of India (LIC) की भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।

मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार

  • LIC की हिस्सेदारी 10.80%
  • कुल शेयर 3.18 करोड़ से अधिक

इस वजह से SEBI की कार्रवाई पर संस्थागत निवेशकों की भी नजर बनी हुई है।

SEBI ने क्या लगाए आरोप?

SEBI की प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2025 के बीच कंपनी ने अपनी विदेशी सहायक और स्टेप-डाउन सहायक कंपनियों से जुड़े लगभग ₹15.15 लाख करोड़ के राजस्व (Revenue) को कथित तौर पर गलत तरीके से प्रस्तुत किया।

नियामक के अनुसार:

  • यह राशि संबंधित विदेशी इकाइयों द्वारा दिखाए गए राजस्व का लगभग 99.8% हिस्सा है।
  • इससे कंपनी के कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन की तस्वीर वास्तविकता से कहीं अधिक मजबूत दिखाई गई।
  • निवेशकों को कंपनी की वास्तविक स्थिति के बारे में भ्रामक संकेत मिल सकते थे।

विदेशी सहायक कंपनियों पर उठे सवाल

SEBI ने अपनी जांच में विशेष रूप से कंपनी की स्विट्जरलैंड स्थित सहायक इकाई Valcambi SA पर ध्यान केंद्रित किया है।

नियामक के अनुसार

  • Rajesh Exports के कुल Consolidated Revenue का 97% से 99% हिस्सा विदेशी सहायक कंपनियों से आता है।
  • कंपनी ने Valcambi SA को अपने प्रमुख व्यवसायिक संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
  • इसके बावजूद संबंधित वित्तीय विवरण सार्वजनिक रूप से पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं कराए गए।

Revenue Figures में बड़ा अंतर

SEBI के अनुसार, Valcambi SA के ऑडिटेड स्टैंडअलोन अकाउंट्स और Rajesh Exports के Consolidated Financial Statements के बीच बड़ा अंतर दिखाई दिया।

जांच में पाया गया कि

  • FY21 से FY24 के दौरान Valcambi SA का रिपोर्टेड Revenue लगभग ₹12,557 करोड़ था।
  • जबकि Consolidated Accounts में विदेशी सहायक कंपनियों से जुड़े आंकड़े इससे कहीं अधिक दर्शाए गए।

इसी अंतर ने नियामक की जांच को और गंभीर बना दिया।

फंड ट्रांसफर और कथित फंड डायवर्जन का मामला

SEBI ने आरोप लगाया है कि कंपनी के फंड से जुड़े कई लेनदेन आवश्यक अनुमोदनों के बिना किए गए।

मुख्य आरोप

₹339 करोड़ का ट्रांसफर

  • कंपनी के लगभग ₹339 करोड़ प्रमोटर राजेश मेहता के निजी खाते में ट्रांसफर किए गए।
  • आरोप है कि इस राशि का उपयोग डेरिवेटिव ट्रेडिंग सहित अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया।

कुल ₹926 करोड़ के लेनदेन

  • SEBI के अनुसार कुल ₹926 करोड़ के ट्रांसफर उचित बोर्ड अथवा ऑडिट कमेटी अनुमोदन के बिना किए गए।
  • संबंधित पक्षों (Related Party Transactions) से जुड़े आवश्यक खुलासे भी कथित रूप से नहीं किए गए।

निवेशकों को कितना नुकसान?

SEBI का अनुमान है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं और फंड के संभावित दुरुपयोग के कारण शेयरधारकों की संपत्ति में लगभग:

₹12,726 करोड़

की कमी आई है।

इसमें

  • रिटेल निवेशक
  • संस्थागत निवेशक
  • सामान्य शेयरधारक

सभी प्रभावित हो सकते हैं।

शेयर के प्रदर्शन पर एक नजर

SEBI की कार्रवाई के बाद निवेशकों ने आक्रामक बिकवाली की।

मुख्य बिंदु

  • शेयर में 5% का लोअर सर्किट लगा।
  • भाव ₹103.92 पर लॉक हो गया।
  • बाजार में निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ता दिखाई दिया।
  • आगे SEBI जांच की दिशा और कंपनी की प्रतिक्रिया पर निवेशकों की नजर रहेगी।

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