राकेश झुनझुनवाला की दूरदृष्टि जब सब बेच रहे थे, तब उन्होंने खरीदा था टाइटन का शेयर
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में यदि सबसे सफल लॉन्ग-टर्म निवेशों की बात की जाए, तो दिवंगत दिग्गज निवेशक Rakesh Jhunjhunwala का Titan Company Limited में किया गया निवेश हमेशा याद किया जाएगा। “भारत के वॉरेन बफेट” और “दलाल स्ट्रीट के बिग बुल” के नाम से मशहूर राकेश झुनझुनवाला ने उस समय टाइटन पर भरोसा जताया था, जब अधिकांश निवेशक कंपनी से दूरी बना रहे थे।
आज यही निवेश भारतीय शेयर बाजार की सबसे बड़ी सफलता की कहानियों में शामिल हो चुका है।
रामदेव अग्रवाल ने बताया राकेश झुनझुनवाला की सबसे बड़ी ताकत
दिग्गज निवेशक और Raamdeo Agrawal ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी पहली मुलाकात राकेश झुनझुनवाला से वर्ष 1988 में हुई थी। पहली मुलाकात में ही उन्हें यह समझ आ गया था कि झुनझुनवाला में शेयर बाजार को समझने की असाधारण क्षमता है।
रामदेव अग्रवाल के अनुसार, राकेश झुनझुनवाला की सबसे बड़ी विशेषता थी कि वे बाजार में छिपे हुए अवसरों को दूसरों से पहले पहचान लेते थे। यही क्षमता उन्हें एक सफल “वैल्यू इन्वेस्टर” बनाती थी।
“राकेश झुनझुनवाला जन्मजात वैल्यू हंटर थे। उन्हें पता था कि सही अवसर की पहचान कैसे करनी है और उससे अधिकतम लाभ कैसे कमाना है।”
जब मुश्किल दौर से गुजर रही थी टाइटन कंपनी
साल 2001-2002 के दौरान Titan Company Limited बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही थी। कंपनी को कई बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
टाइटन के सामने प्रमुख चुनौतियां
- सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि
- ज्वेलरी कारोबार पर दबाव
- बढ़ती बाजार प्रतिस्पर्धा
- ग्राहकों की कमजोर मांग
- बिक्री और मुनाफे में गिरावट
- मैनेजमेंट और कर्मचारी यूनियन के बीच विवाद
- होसुर प्लांट में लॉकआउट
इन सभी कारणों से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ गया और कंपनी का शेयर गिरकर लगभग ₹29 प्रति शेयर तक पहुंच गया।
जब सभी निवेशक बेच रहे थे, तब राकेश झुनझुनवाला ने खरीदे शेयर
जहां अधिकांश निवेशक टाइटन के भविष्य को लेकर निराश थे, वहीं राकेश झुनझुनवाला ने कंपनी की मौजूदा परेशानियों के बजाय उसके भविष्य की संभावनाओं को देखा।
उन्होंने लगभग ₹30 से ₹35 प्रति शेयर की कीमत पर टाइटन के शेयरों की खरीदारी शुरू कर दी। उस समय बहुत कम लोगों ने सोचा होगा कि यह निवेश आगे चलकर भारतीय शेयर बाजार का सबसे सफल निवेश साबित होगा।
उनका मानना था कि
- भारत में ज्वेलरी बाजार तेजी से बढ़ेगा।
- ब्रांडेड ज्वेलरी की मांग बढ़ेगी।
- टाइटन का ज्वेलरी कारोबार कंपनी की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।
₹30 का निवेश कैसे बना ₹20,000 करोड़ से अधिक का पोर्टफोलियो
राकेश झुनझुनवाला का यह फैसला समय के साथ पूरी तरह सही साबित हुआ।
31 मार्च 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, झुनझुनवाला परिवार के पास Titan Company Limited में लगभग 5% हिस्सेदारी बनी हुई है।
टाइटन निवेश की प्रमुख उपलब्धियां
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| खरीद मूल्य | ₹30–35 प्रति शेयर |
| निवेश अवधि | लगभग 20 वर्ष |
| वर्तमान हिस्सेदारी | लगभग 5% |
| अनुमानित वैल्यू | ₹20,250 करोड़ |
| निवेश का प्रकार | Long-Term Value Investing |
यह निवेश भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे सफल मल्टीबैगर निवेशों में गिना जाता है।
