Reliance Industries ने जारी किए Q3 FY26 के नतीजे
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने शुक्रवार शाम वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए। कंपनी की कमाई बाजार की उम्मीदों से कम रही, जिसका असर आने वाले कारोबारी सत्र में रिलायंस के शेयर प्राइस पर देखने को मिल सकता है।
मुनाफे में मामूली बढ़त, लेकिन उम्मीदों से कम
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का कंसोलिडेट नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.56% बढ़कर 18,645 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से कम रहा।
वहीं, ऑपरेशंस से कंपनी का कुल रेवेन्यू 11% की बढ़त के साथ 2.69 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं।
खर्च बढ़ने से दबाव में रहा प्रॉफिट
कंपनी के मुनाफे पर मुख्य रूप से हाई एक्सपेंस, डेप्रिसिएशन और फाइनेंस कॉस्ट का दबाव देखने को मिला। हालांकि O2C (ऑयल टू केमिकल) और डिजिटल सर्विसेज सेगमेंट में प्रदर्शन मजबूत रहा, लेकिन बढ़े हुए खर्चों ने इन सेगमेंट्स के सकारात्मक असर को काफी हद तक बेअसर कर दिया।

शेयर प्राइस पर गिरावट के संकेत
कमजोर नतीजों का असर सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयर प्राइस पर देखने को मिल सकता है। इसका संकेत पहले ही ग्लोबल मार्केट से मिल चुका है।
शुक्रवार शाम लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर रिलायंस के GDR (Global Depository Receipts) करीब 2% की गिरावट के साथ बंद हुए, जो घरेलू बाजार में शेयर पर दबाव का संकेत देता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के लॉन्ग-टर्म फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं, लेकिन शॉर्ट-टर्म में शेयर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को किसी भी तरह का निवेश निर्णय लेने से पहले बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की राय पर जरूर ध्यान देना चाहिए।
डिस्क्लेमर
यह कंटेंट केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।
