1. Rupee Hits All-Time Low as MPC Meeting Begins
RBI की Monetary Policy Committee (MPC) की बैठक 3 दिसंबर से शुरू होने के साथ ही भारतीय रुपये में तेज गिरावट देखने को मिली। USD/INR रेट 90 के पार पहुंच गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। Analysts का कहना है कि Equity Outflow और India-US Trade Deal को लेकर uncertainty भी रुपये पर दबाव डाल रही है।
Currency experts मानते हैं कि Central Bank फिलहाल soft intervention के साथ स्थिति को देख रहा है और रुपये को कुछ हद तक गिरने दे रहा है।
2. Why RBI is Showing Soft Intervention?
IFA Global के Founder & CEO अभिषेक गोयनका के अनुसार, RBI NDF (Non-Deliverable Forward) और forward market में सीमित क्षमता के कारण अपनी intervention power को सोच-समझकर उपयोग कर रहा है। इस कारण मार्केट में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है।
LKP Securities के VP (Commodity & Currency) जतीन त्रिवेदी ने बताया कि हल्के दखल की वजह से रुपये में depreciation तेजी से बढ़ा है। अब बाजार की नजरें 5 दिसंबर को होने वाले RBI Policy announcement पर टिकी हैं।

3. Dealers Claim Limited RBI Support
Market dealers का कहना है कि RBI किसी खास level को बचाने की कोशिश नहीं कर रहा, जिससे रुपये में कमजोर माहौल बना हुआ है।
कमजोर रुपये से:
- Exports को फायदा
- Imports महंगे
RBI trade deficit को नियंत्रित करने के लिए यह रणनीति अपना रहा है।
4. MPC Meeting Schedule
- शुरुआत 3 दिसंबर
- अंत 5 दिसंबर
- Final Policy Announcement 5 दिसंबर (शुक्रवार)
5. What RBI Says About Rupee Depreciation
RBI Governor संजय मल्होत्रा ने साफ कहा कि
- RBI रुपये के किसी खास level को target नहीं करता।
- केवल abnormal volatility को रोकना उद्देश्य है।
- हाल की कमजोरी पूरी तरह “market-driven” है।
- सालाना 3–3.5% गिरावट long-term trend के अनुरूप है।
इससे MPC के पास growth-supportive rate cuts की गुंजाइश बनती है।
6. How Much Has the Rupee Fallen So Far?
Bloomberg डेटा के अनुसार (31 दिसंबर 2024 से 3 दिसंबर 2025):
Yearly Depreciation
- Indian Rupee: 5.08% गिरावट
Asian Currencies Ranking
Rupee एशिया की दूसरी सबसे कमजोर करेंसी
- Indonesian Rupiah 3.17% गिरावट
- Philippine Peso 1.54% गिरावट
- Hong Kong Dollar 0.18% गिरावट
Emerging Markets (EMs) Ranking
Rupee EMs में तीसरी सबसे खराब करेंसी:
Turkish Lira: 16.69% गिरावट
Argentine Peso: 29.18% गिरावट
