SCO Summit 2025 Modi, Putin और Xi Jinping Tianjin में एक साथ
Shanghai Cooperation Organization (SCO) Summit 2025 आज Tianjin में हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक मंच पर आए हैं। यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब दुनिया US Tariff Policies, India-China Trade Tensions और Russia पर लगे प्रतिबंधों के कारण Global Instability का सामना कर रही है।
US Tariff Policy से बढ़ा तनाव
- Donald Trump Administration ने अपनी Tariff Strategy से कई देशों पर दबाव बनाया है।
- India, China और Russia तीनों देश इस Trade War से प्रभावित हुए हैं।
- Tianjin में तीनों नेताओं का एक साथ आना US के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
PM Modi की China यात्रा क्यों अहम है?
- पीएम मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे हैं।
- यह यात्रा केवल Multilateral Summit का हिस्सा नहीं बल्कि Xi Jinping और Putin के साथ महत्वपूर्ण Bilateral Meetings का अवसर भी है।
- आज Modi और Xi Jinping की बैठक होगी, जबकि Modi और Putin की मीटिंग कल तय है।
US-India Trade Tensions
- हाल ही में US ने India पर 50% Tariff लगाया, कारण बताया गया कि India-Russia Trade बढ़ रहा है।
- White House ने आरोप लगाया कि India, Ukraine War के दौरान Russia को सपोर्ट कर रहा है।
- Peter Navarro ने कहा कि India, Russia से Oil Import कर उसकी War Machine को मजबूत कर रहा है।

India का स्पष्ट रुख
- भारत ने कहा कि उसका National Interest सबसे पहले है।
- New Delhi ने साफ किया कि वह किसी बाहरी दबाव में नहीं आएगा।
- फिलहाल India, China के बाद Russia से Oil खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा Buyer है।
- Washington ने India को टारगेट किया, लेकिन China पर कोई Tariff नहीं लगाया।
India-China Relations में नया मोड़
- हाल के महीनों में India-China रिश्तों को सुधारने के प्रयास तेज़ हुए हैं।
- सीमा विवाद और Trade War के बावजूद, दोनों देश Multilateral Platforms पर सहयोग बढ़ा रहे हैं।
- PM Modi की यह यात्रा रिश्तों में सुधार का संकेत मानी जा रही है।
Multipolar World की वकालत
- India और China लंबे समय से Multipolar World की बात करते रहे हैं।
- यह अवधारणा US Hegemony के खिलाफ मानी जाती है।
- SCO Summit में Modi, Xi और Putin की मौजूदगी से यह संदेश और मजबूत हुआ है।
Global Order पर असर
Energy, Trade और Security पर तीनों देशों का सहयोग नए Global Alliances को जन्म दे सकता है।
इस Summit का असर Global Geopolitics पर गहरा हो सकता है।
अगर India, China और Russia एकजुट रहते हैं, तो यह US Dominance को चुनौती देगा।
