Sebi की बड़ी कार्रवाई IEX इनसाइडर ट्रेडिंग केस में 173 करोड़ का खुलासा

Sebi की जांच में बड़ा खुलासा

भारतीय बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India (Sebi) ने Indian Energy Exchange (IEX) के शेयरों से जुड़ी इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) जांच में बड़ा खुलासा किया है।
जांच में सामने आया कि करीब ₹173 करोड़ के ट्रांजैक्शंस में गोपनीय जानकारी (Confidential Information) का दुरुपयोग हुआ है।
यह मामला सितंबर 2025 में की गई छापेमारी (Raids) और Investigation के बाद प्रकाश में आया।


8 लोगों पर मार्केट बैन

Sebi ने बुधवार को जारी अपने आदेश में 8 व्यक्तियों को सिक्योरिटीज मार्केट में किसी भी गतिविधि से रोक दिया है।
इन लोगों के नाम हैं —
Bhuvan Singh, Amarjeet Singh Soran, Amita Soran, Anita, Narendra Kumar, Virendra Singh, Bindu Sharma और Sanjeev Kumar।
Sebi ने कहा कि आगे की जांच पूरी होने तक इन व्यक्तियों पर मार्केट प्रतिबंध जारी रहेगा।


गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग

जांच में यह बात सामने आई कि कुछ लोगों को Central Electricity Regulatory Commission (CERC) की बैठकों से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक हुई थी।
यह जानकारी Market Coupling Policy से संबंधित थी, जिसे उन्होंने IEX के शेयरों में ट्रेडिंग के लिए इस्तेमाल किया।
Sebi ने अपने आदेश की कॉपी CERC को आगे की कार्रवाई के लिए भेजने का निर्देश दिया है।


असामान्य ट्रेडिंग पैटर्न और छापेमारी

Sebi ने IEX शेयरों में असामान्य ट्रेडिंग पैटर्न (Unusual Trading Patterns) देखे जाने के बाद जांच शुरू की।
18 से 20 सितंबर 2025 के बीच Sebi ने कई स्थानों पर छापेमारी (Raids) की और डिजिटल साक्ष्य (Digital Evidence) जब्त किए।
इस दौरान संदिग्धों के Statements भी रिकॉर्ड किए गए।


सोची-समझी साजिश

Sebi के अनुसार, इस मामले से जुड़े लोगों ने योजना बनाकर (Premeditated Manner) गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल किया, जिससे IEX के शेयरों पर सीधा प्रभाव पड़ा।
यह इनसाइडर ट्रेडिंग का गंभीर मामला है जो मार्केट की पारदर्शिता (Transparency) को प्रभावित करता है।


निवेशकों के लिए खतरा

Sebi ने चेतावनी दी कि इस तरह के मामलों से Information Imbalance पैदा होता है।
आम निवेशकों को गोपनीय जानकारी न मिलने से वे नुकसान में रहते हैं, जबकि अंदरूनी लोगों को अनुचित लाभ होता है।
इससे मार्केट की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को नुकसान पहुंचता है।


Market Coupling Policy क्या है?

Market Coupling Policy एक ऐसी प्रणाली है, जिसके तहत भारत के सभी Power Exchanges में बिजली की कीमतें एक समान की जाती हैं।
सभी एक्सचेंजों से प्राप्त Bids को मिलाकर एक औसत एकल मूल्य (Uniform Price) तय किया जाता है, जिससे ट्रांसपेरेंसी और दक्षता बढ़ती है।
CERC ने इस नीति को जुलाई 2025 में मंजूरी दी थी और इसे जनवरी 2026 से Day-Ahead Market (DAM) में लागू किया जाएगा।


IEX शेयरों में भारी गिरावट

Market Coupling नीति के लागू होने से IEX की स्वतंत्र Price Discovery प्रणाली खत्म हो जाएगी, जिससे उसकी मार्केट स्थिति कमजोर हो सकती है।
वर्तमान में IEX का Day-Ahead Market में लगभग 85% मार्केट शेयर है।
नीति की घोषणा के बाद IEX के शेयर एक ही दिन में 28% तक गिर गए, और अगले 10 ट्रेडिंग सेशंस में कुल 37% की गिरावट दर्ज की गई।
कई ब्रोकरेज फर्म्स ने इसके बाद IEX के टारगेट प्राइस में बड़ी कटौती की थी।

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