SEBI ने Sterlite Electric के IPO को होल्ड पर डाला
भारतीय बाजार नियंत्रक SEBI ने Sterlite Electric के IPO (Initial Public Offering) को फिलहाल Hold पर रख दिया है।
यह फैसला अमेरिकी Short Seller Viceroy Research द्वारा Vedanta Group पर लगाए गए गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद लिया गया है।
Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, SEBI फिलहाल इन आरोपों की जांच कर रहा है और जब तक तथ्यों का सत्यापन पूरा नहीं होता, IPO प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
कब और क्यों SEBI ने IPO रोका?
SEBI आमतौर पर किसी IPO को तब Hold पर रखता है जब:
- कंपनी पर रेगुलेटरी जांच लंबित हो
- या नियमों के अनुपालन में गड़बड़ी दिखाई दे
जैसे ही SEBI को स्पष्टता मिल जाती है, IPO को मंजूरी दी जा सकती है।
इस मामले में जांच अभी जारी है।

Draft Prospectus में Sterlite Electric ने क्या जानकारी दी?
कंपनी ने अपने ड्राफ्ट में खुलासा किया कि
“एक शॉर्ट सेलर द्वारा Vedanta Group पर कई रिपोर्ट जारी की गई हैं, जिसके बाद SEBI ने SEBI Act के Section 11(2) और 11C के तहत जानकारी और दस्तावेज मांगे।”
Hindustan Zinc ने SEBI को 25 अगस्त और 12 सितंबर को सभी दस्तावेज जमा कर दिए हैं।
फिर भी केस अभी Pending है।
Viceroy Research के आरोप क्या हैं?
Viceroy Research का दावा है कि:
- Vedanta Ltd का प्रबंधन, अत्यधिक कर्ज में डूबी पेरेंट कंपनी Vedanta Resources को बचाने के लिए कंपनी से फंड ट्रांसफर कर रहा है।
- यह “Looting of Funds” जैसा है।
डिफॉल्ट का खतरा
जुलाई 2025 की रिपोर्ट में कहा गया कि Vedanta Resources कर्ज चुकाने में असफल हो सकती है, जिससे निवेशकों और लेनदारों को उच्च जोखिम है।
Semiconductor Business पर भी सवाल
एक अन्य रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि Vedanta Group की Semiconductor Unit असल में कोई मैन्युफैक्चरिंग व्यवसाय नहीं, बल्कि Shell Trading Setup है —
जिसे NBFC रेगुलेशन से बचाने के लिए संरचित किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 में Vedanta Limited ने अपनी पैरेंट कंपनी को Brand Fees भी भेजी थी, जबकि समूह Liquidity Crisis से गुजर रहा था।
International Remittance की जांच
Viceroy Research ने दावा किया कि Singapore Authorities लगभग $1.27 Billion Remittance की जांच कर रहे हैं, जो Vedanta से जुड़ा है।
हालांकि, Vedanta ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
SEBI की जांच प्रक्रिया
Moneycontrol के सूत्रों के अनुसार
- यह अभी Formal Investigation नहीं, बल्कि Fact Verification है।
- इस प्रक्रिया में कुछ महीने लग सकते हैं।
- अतीत में भी SEBI ने कई IPOs को Hold पर रखा है और मुद्दों के समाधान के बाद उन्हें मंजूरी मिली है।
Sterlite Electric का बिजनेस मॉडल
Sterlite Electric, Vedanta Group की Capital Goods Subsidiary है जो
- Power Transmission
- Distribution Systems Integration
से जुड़े प्रोजेक्ट्स में काम करती है।
कंपनी का IPO Size लगभग ₹1,500 Crore अनुमानित है, जिसमें
- Fresh Issue और
- Offer for Sale (OFS)
दोनों शामिल होंगे।
