भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: Sensex 1200 अंक टूटा, Nifty 24,900 के नीचे
2 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 1200 अंक तक टूट गया, जबकि NIFTY 50 350 अंकों से ज्यादा फिसलकर 24,900 के नीचे चला गया।
सुबह 10:45 बजे के आसपास
- Sensex 80,116.38 (-1,170.81 अंक / -1.44%)
- Nifty 24,824.30 (-354.35 अंक / -1.41%)
Metal Sector को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में रहे। Midcap और Smallcap Index भी करीब 0.8% तक गिरे।
गिरावट के 4 बड़े कारण
Global Tension और Crude Oil में उछाल
Israel और US द्वारा Iran पर Air Strike के बाद West Asia में तनाव बढ़ गया। जवाबी कार्रवाई और युद्ध की आशंका से Crude Oil में तेज उछाल आया।
- Brent Crude 7% चढ़कर $82.40 per barrel
- 14 महीनों का उच्चतम स्तर
Iran ने Strait of Hormuz से समुद्री आवाजाही बंद करने की घोषणा की। इस Route से:
- Global Oil Supply का ~20%
- भारत के 40%+ Crude Import
Oil महंगा होने से OMCs, Aviation, Paint, Tyre और Chemical Stocks पर दबाव दिखा।
Rupee में कमजोरी, Bond Yield में तेजी
युद्ध की आशंका से Rupee डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ।
- Dollar Index 97.9 पर
- Government Bond Yield में उछाल
रिपोर्ट्स के अनुसार Reserve Bank of India जरूरत पड़ने पर Rupee को रिकॉर्ड निचले स्तर 91.9875 के आसपास जाने से रोकने के लिए Intervention कर सकता है।
FII की बिकवाली
- FII Net Selling ₹7,536.4 करोड़
- DII Net Buying ₹12,292.8 करोड़
Geojit Financial Services के Chief Investment Strategist वीके विजयकुमार के अनुसार, Middle East Conflict से Risk Sentiment बढ़ा है और Foreign Investors फिलहाल Emerging Markets में सावधानी बरत सकते हैं।
India VIX में तेज उछाल
Volatility Index India VIX 15% उछलकर 15.78 पर पहुंच गया — जो बढ़ती घबराहट का संकेत है।
Experts की राय
विशेषज्ञों का मानना है
- यदि Oil Price 20% और बढ़ता है
- Hormuz Route लंबी अवधि तक बंद रहता है
तो Supply Disruption से दबाव और बढ़ सकता है।
हालांकि इतिहास बताता है कि Geopolitical Crisis का असर लंबी अवधि में सीमित रहता है। कोविड, Russia-Ukraine War और अन्य संकटों के बाद भी बाजार ने रिकवरी दिखाई थी।
Panic Selling से बचें
गिरावट को Long-Term Opportunity के रूप में देखें
Banking, Auto, Capital Goods और Defence जैसे Domestic Sectors पर नजर रखें
Oil Price और भारत की Economy पर असर
Brickwork Ratings के अनुसार
- भारत अपनी जरूरत का ~90% Crude Import करता है
- Brent लंबे समय तक ऊंचा रहा तो:
- Inflation बढ़ेगी
- Current Account Deficit बढ़ेगा
- Fuel Prices पर दबाव
निष्कर्ष
Middle East War Risk, Oil Price Surge, Rupee Weakness और FII Selling ने मिलकर बाजार पर दबाव बनाया है।
Short-Term में Volatility बनी रह सकती है।
Long-Term Investors को घबराने के बजाय Strategic Allocation और Gradual Buying Approach अपनानी चाहिए।
