शेयर बाजार में रिकवरी क्या आगे टिकेगी तेजी?
लगातार गिरावट के बाद मार्केट में उछाल
1 अक्टूबर को शेयर बाजार ने लगातार 8 दिनों की गिरावट के बाद मजबूत Recovery दिखाई। इस बढ़त से निवेशकों में नई रैली की उम्मीद जगी है। हालांकि, Ladderup Asset Managers के MD राघवेंद्र नाथ का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई बड़ा Trigger नहीं दिख रहा है जो इस तेजी को लंबे समय तक बनाए रख सके।
मार्केट को चाहिए ठोस Trigger
नाथ ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा कि नई तेजी के लिए मार्केट को कुछ मजबूत वजहें चाहिए होंगी, जैसे:
- Corporate Earnings में बड़ा सरप्राइज
- भारत और प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के बीच कोई बड़ा समझौता
- भू-राजनीतिक स्थिरता या सफलता
जब तक ऐसा Trigger नहीं मिलता, मार्केट सीमित दायरे में कारोबार करता रहेगा।
RBI Policy और Repo Rate का असर
नाथ का कहना है कि RBI की नीतियों के बावजूद Lending Rates में खास कमी नहीं दिखी है। उन्होंने कहा:
- “क्रेडिट डिमांड अब भी Gap दिखा रहा है। अगर महंगाई लक्ष्य दायरे में रहती है, तो ग्रोथ को गति देने के लिए Repo Rate में 50 Basis Points तक कटौती की जा सकती है।”

क्या 2025 में नया High बनाएगा मार्केट?
- निकट भविष्य में कोई बड़ा Trigger नजर नहीं आ रहा
- महंगाई काबू में है, लेकिन Global माहौल अनिश्चित है
- व्यापारिक तनाव फिर से बढ़ सकते हैं
नाथ का कहना है कि हालिया गिरावट के बावजूद भारतीय मार्केट अब भी अपने Global Peers की तुलना में Premium पर ट्रेड कर रहा है। इसलिए निकट अवधि में मार्केट सीमित दायरे में रह सकता है।
Medium और Long Term View
- Short Term Triggers की कमी, Limited Range Trading
- Medium & Long Term भारत की Structural Story मजबूत बनी हुई है, जिससे लंबी अवधि में ग्रोथ के अवसर बने रहेंगे।
सितंबर तिमाही Earnings Outlook
नाथ का मानना है कि अब बड़े पैमाने पर Earnings Downgrade की संभावना कम है। हालांकि, कुछ सेक्टर्स को लेकर चिंता बनी हुई है।
सेक्टरवार स्थिति
- Banking & Financial Services स्थिर, Credit & Deposit Growth बेहतर।
- IT Sector Global Demand Moderation और खर्च में कटौती से दबाव।
- Infrastructure & Capital Goods सरकारी Capex से मजबूती, पॉजिटिव ट्रेंड जारी।
- Consumer Staples & Discretionary (White Goods) हाल में दबाव, लेकिन Tax Reforms और GST Cut से Recovery के संकेत।
निष्कर्ष
निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहते हुए Quality Stocks और Strong Fundamentals वाले सेक्टर्स पर ध्यान देना चाहिए।
Short Term मार्केट में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव
Medium/Long Term भारतीय अर्थव्यवस्था की स्ट्रक्चरल ग्रोथ Story बरकरार
