मोतीलाल ओसवाल ने जताई चांदी में बड़ी तेजी की उम्मीद
घरेलू ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आने वाले महीनों में चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिल सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के अंत तक भारत में चांदी ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच सकती है।
सप्लाई घट रही है, डिमांड लगातार बढ़ रही है
चांदी की सप्लाई यानी प्रोडक्शन की रफ्तार धीमी हो रही है, जबकि इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड तेजी से बढ़ रही है।
सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, और ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स में चांदी की बढ़ती जरूरत से इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है।

सेफ हेवन इन्वेस्टमेंट बन रही है चांदी
Motilal Oswal की रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी अब सिर्फ एक इंडस्ट्रियल मेटल नहीं, बल्कि सुरक्षित निवेश (Safe Investment) का भी जरिया बन चुकी है।
निवेशकों की रुचि चांदी ETF में लगातार बढ़ रही है, जिससे मार्केट में डिमांड और बढ़ने की संभावना है।
रुपया, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव का असर
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आने वाले समय में रुपया डॉलर के मुकाबले 90 से 102 रुपये प्रति डॉलर के बीच रह सकता है।
कमजोर रुपया, बढ़ती महंगाई और दुनिया भर के राजनीतिक तनाव भी चांदी की कीमतों को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2027 तक $70 प्रति औंस की संभावना
Motilal Oswal का अनुमान है कि 2027 तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतें $70 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं।
यह स्तर वर्तमान दामों से लगभग 40–50% की वृद्धि को दर्शाता है।
निवेश से पहले सलाह जरूरी
हालांकि चांदी में तेजी की उम्मीद मजबूत है, लेकिन निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार या एक्सपर्ट की राय लेना जरूरी है ताकि जोखिम का सही मूल्यांकन किया जा सके।
