AceVector ने जमा किया Updated Draft Red Herring Prospectus

Snapdeal IPO Update AceVector ने SEBI के पास जमा किया Updated Draft Red Herring Prospectus (UDRHP)

ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस Snapdeal के IPO को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। Snapdeal की पेरेंट कंपनी AceVector ने SEBI के पास Updated Draft Red Herring Prospectus (UDRHP) जमा कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी के IPO की प्रक्रिया अब अंतिम चरण की ओर बढ़ती नजर आ रही है।

इस IPO के तहत कंपनी ₹300 करोड़ का Fresh Issue लेकर आएगी, जबकि मौजूदा शेयरहोल्डर्स द्वारा 6.38 करोड़ इक्विटी शेयर Offer For Sale (OFS) के तहत बेचे जाएंगे।


AceVector के फाउंडर्स और निवेशक कौन हैं?

AceVector की स्थापना Kunal Bahl और Rohit Bansal ने की थी, जो Snapdeal के को-फाउंडर भी हैं। कंपनी में SoftBank की subsidiary Starfish ने भी बड़ा निवेश किया हुआ है, जिससे कंपनी की फाइनेंशियल मजबूती को और बल मिलता है।


Offer For Sale (OFS) में कौन-कौन से निवेशक बेचेंगे शेयर?

Snapdeal IPO के OFS हिस्से में निम्नलिखित निवेशक अपने शेयर बेचेंगे

  • Starfish
  • Nexus
  • Wonderful Star
  • Kenneth Stuart Glass
  • Priyanka Shriver Kheruka
  • Jason Ashok Kothari
  • Rupen Investment
  • Centaurus Trading

यह संकेत देता है कि इस IPO में शुरुआती निवेशक आंशिक रूप से एग्जिट करेंगे।


Confidential Route से फाइल किया गया था ड्राफ्ट

AceVector ने जुलाई में Snapdeal IPO के लिए Confidential Route के जरिए ड्राफ्ट फाइल किया था, जिसे नवंबर में SEBI से मंजूरी मिली। इस रूट के तहत कंपनियां अपने IPO से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को लिस्टिंग से पहले गोपनीय रख सकती हैं।


₹60 करोड़ तक का Pre-IPO Placement संभव

AceVector, Registrar of Companies के पास RHP जमा करने से पहले ₹60 करोड़ तक का Pre-IPO Placement भी कर सकती है।
अगर ऐसा होता है, तो Fresh Issue का साइज घटाया जा सकता है, जिससे IPO का स्ट्रक्चर थोड़ा बदलेगा।


Promoter और Shareholding Structure

AceVector में मौजूदा शेयरहोल्डिंग इस तरह है

  • Promoters की हिस्सेदारी 66.43%
  • Starfish की होल्डिंग 30.68%
  • Public Shareholders 33.57%

Public Shareholders में शामिल हैं

  • Nexus India
  • eBay Singapore Services
  • Wonderful Star
  • Dunearn Investments
  • PI Opportunities Fund

IPO से जुटाए गए फंड का उपयोग कहां होगा?

Fresh Issue से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए करेगी:

  • ₹125 करोड़ → Marketplace Business के Marketing & Promotion में
  • ₹55 करोड़ → Technology Infrastructure को मजबूत करने में
  • बाकी राशि → Inorganic Growth और General Corporate Purposes में

यह साफ संकेत देता है कि कंपनी अपने ब्रांड और टेक्नोलॉजी दोनों पर आक्रामक निवेश की तैयारी में है।


AceVector का Business Portfolio

AceVector सिर्फ Snapdeal तक सीमित नहीं है। कंपनी इन प्लेटफॉर्म्स को भी ऑपरेट करती है:

  • Unicommerce (SaaS Platform):
    अगस्त 2024 में लिस्ट हुई, जिसका ₹276.57 करोड़ का IPO 168.35x oversubscribe हुआ था।
  • Stellar Brands
    Consumer brand building से जुड़ा प्लेटफॉर्म।

यह पोर्टफोलियो AceVector की मल्टी-बिजनेस स्ट्रेंथ को दर्शाता है।


Snapdeal की Financial Performance

H1 FY2025 (अप्रैल–सितंबर 2025)

  • Loss ₹29.7 करोड़ (पिछले साल ₹113.2 करोड़ था – बड़ा सुधार)
  • Revenue 34.9% बढ़कर ₹244.4 करोड़ (पिछले साल ₹181.2 करोड़)

FY2025 Full Year

  • Loss: ₹138.9 करोड़ (FY2024 में ₹57.8 करोड़)
  • Revenue: ₹395 करोड़ (FY2024 में ₹379.8 करोड़)

हालांकि FY2025 में लॉस बढ़ा है, लेकिन Revenue Growth लगातार बनी हुई है, जो बिजनेस के स्केल-अप का संकेत देता है।


Merchant Bankers कौन हैं?

Snapdeal IPO के लिए

  • IIFL Capital Services
  • CLSA India

को Merchant Bankers नियुक्त किया गया है।


निष्कर्ष (Conclusion)

Snapdeal IPO अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। ₹300 करोड़ का Fresh Issue, मजबूत प्रमोटर होल्डिंग, तेजी से बढ़ता ई-कॉमर्स सेगमेंट और टेक्नोलॉजी में निवेश की योजना इस IPO को निवेशकों के लिए एक दिलचस्प मौका बना सकती है। हालांकि, कंपनी अभी भी घाटे में है, ऐसे में निवेशकों को लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण और रिस्क फैक्टर को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए

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