अमेरिका-चीन के बीच बढ़ता Trade Tension
अमेरिका और चीन के बीच जारी Trade War ने एक बार फिर वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है।
मंगलवार को Wall Street Futures कमजोर दिखे, क्योंकि चीन ने अमेरिका के खिलाफ Counter Action लिया है।
निवेशकों में अब जोखिम लेने की क्षमता (Risk Appetite) घटती दिखाई दे रही है, जिससे शेयर और क्रिप्टो दोनों मार्केट्स पर दबाव बढ़ गया है।
एक-दूसरे पर अतिरिक्त Port Charges – नई चिंता की वजह
दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं — अमेरिका और चीन — अब एक-दूसरे की shipping companies पर अतिरिक्त port charges लगाने लगी हैं।
इन चार्जेज का असर consumer goods, crude oil, और industrial imports जैसी कई वस्तुओं पर पड़ रहा है।
इस कदम ने पहले से चल रहे Trade Dispute को और गहरा कर दिया है, जिससे global supply chain पर नया खतरा मंडरा रहा है।

चीन का Retaliation Move – अमेरिकी यूनिट्स पर पाबंदी
Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने उन अमेरिकी यूनिट्स पर प्रतिबंध (Sanctions) लगाए हैं जो दक्षिण कोरिया की Shipbuilder कंपनी Hanwha Ocean Co. से जुड़ी हैं।
यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा चीन की shipping operations पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में की गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम समुद्री वर्चस्व (Maritime Dominance) को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है।
अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में कमजोरी
भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे तक,
- Nasdaq 100 Futures 1.3% नीचे,
- S&P 500 Futures 1% गिरावट में,
- और Dow Jones Industrial Average Futures 0.6% नीचे ट्रेड कर रहे थे।
इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी बाजारों की शुरुआत कमजोर रहने की संभावना है।
अमेरिका में लिस्टेड चीनी कंपनियों के शेयर भी शुरुआती सत्र में गिरावट में रहे।
यूरोप में भी गिरावट का माहौल रहा —
- STOXX 600 Index 1% गिरा,
- France’s CAC 40 Index 1.3% नीचे,
- और Germany’s DAX Index 1.5% की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में भी नकारात्मक रुख रहा —
South Korea’s Kospi, Japan’s Nikkei 225, China’s SSE Composite, और Hong Kong’s Hang Seng सभी लाल निशान में बंद हुए।
भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा असर
वैश्विक दबाव का असर भारतीय शेयर बाजारों में भी देखने को मिला।
मंगलवार को:
- Sensex 297.07 अंक (0.36%) गिरकर 82,029.98 पर बंद हुआ।
- Nifty 50 81.85 अंक (0.32%) गिरकर 25,145.50 पर बंद हुआ।
विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने short-term sentiment को प्रभावित किया है।
Crypto Market में भी गिरावट का दौर
बढ़ते भू-राजनीतिक और व्यापारिक तनावों का असर Crypto Market पर भी पड़ा है।
Bitcoin 3% गिरकर लगभग $1,11,056 तक आ गया है।
पिछले सप्ताह जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चीन पर 100% tariff लगाने की घोषणा की थी, तब Bitcoin में 12% की भारी गिरावट आई थी।
Trump के बयान से पहले Bitcoin ने $1,25,000 का Record High बनाया था, लेकिन अब यह अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 11% नीचे ट्रेड कर रहा है।
यह स्पष्ट संकेत है कि निवेशक Risk Assets से दूरी बना रहे हैं और Safe-Haven Investments (जैसे Gold) की ओर रुख कर रहे हैं।
निष्कर्ष
अमेरिका-चीन के बीच बढ़ता Trade Tension फिलहाल वैश्विक बाजारों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गया है।
शेयर बाजारों से लेकर क्रिप्टो तक — हर सेक्टर पर इसका दबाव दिख रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ा, तो Global Growth Outlook पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
