Union Budget 2026 और Share Market Short Term में दबाव, Long Term में दमदार रिटर्न
केंद्र सरकार 1 फरवरी को Union Budget 2026 पेश करने जा रही है। हर साल की तरह इस बार भी निवेशकों की नजर बजट पर टिकी हुई है। बीते वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि Budget के आसपास share market में दबाव और volatility देखने को मिलती है, लेकिन लंबी अवधि में equity markets ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार के दौरान अब तक 14 Union Budgets (Interim Budget सहित) पेश किए जा चुके हैं। इस दौरान बजट से ठीक पहले और बाद के एक महीने में बाजार का प्रदर्शन औसतन कमजोर रहा है।
Budget से पहले और बाद Market का Short Term Performance
Historical data के अनुसार
- Budget से पहले के 1 महीने में बाजार ने 10 बार negative return दिया
- Budget के बाद के 1 महीने में 7 बार गिरावट देखने को मिली
औसतन रिटर्न
- Budget से पहले 1 महीने में –0.4%
- Budget के बाद 1 महीने में –0.5%
यानी short term में बजट के आसपास बाजार अक्सर दबाव में रहता है।

Long Term में Share Market का Strong Track Record
जहां short term में अनिश्चितता दिखती है, वहीं long term में market का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है।
2014 के बाद के आंकड़े
- Budget से पहले
- 3 months में 10 बार positive return
- 6 months में 11 बार positive return
- Budget के बाद
- 3 months में 9 बार positive return
- 6 months में 11 बार positive return
औसत रिटर्न
- Budget से पहले 3 महीने ~3.1%
- Budget के बाद 3 महीने ~1.2%
- Budget से पहले 6 महीने ~8%
- Budget के बाद 6 महीने ~6%
यह साफ दिखाता है कि equity market लंबी अवधि में निवेशकों को बेहतर रिटर्न देता है।
Expert View Budget की भूमिका कैसे बदली?
WealthMills Securities के Equity Strategy Director Kranti Bathini के अनुसार, Union Budget अब भी बाजार के लिए एक बड़ा event है, लेकिन इसकी भूमिका समय के साथ बदली है।
GST लागू होने के बाद:
- Indirect tax से जुड़े अधिकतर फैसले अब GST Council के दायरे में आते हैं
- Budget का फोकस अब मुख्य रूप से Direct Tax (Income Tax) और चुनिंदा policy announcements तक सीमित हो गया है
अब Market किन बातों पर ज्यादा ध्यान देता है?
Experts के मुताबिक बजट के दौरान बाजार खासतौर पर इन फैक्टर्स पर नजर रखता है:
- Fiscal Deficit
- Government Borrowing Plans
- Infrastructure Spending
- Railway Budget और Capital Expenditure (Capex) Targets
हालांकि, आज का बाजार सिर्फ बजट पर निर्भर नहीं है।
Global geopolitical events, market cycle और FII–DII fund flows भी बड़ी भूमिका निभाते हैं।
Budget Day पर Volatility क्यों बढ़ जाती है?
Budget Day पर बाजार में अचानक और तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है क्योंकि
- निवेशक तुरंत घोषणाओं का असर समझने की कोशिश करते हैं
- Policy statements और numbers पर instant reaction आता है
वहीं बजट से पहले के 1 महीने में बाजार की चाल अधिकतर इन बातों पर निर्भर रहती है:
- Global cues
- FII और DII activity
- Corporate और sector-specific news
Budget Expectations कब बनती हैं?
Market experts का मानना है कि
- Budget expectations आमतौर पर budget से लगभग 1 हफ्ते पहले बनने लगती हैं
- Media discussions, industry demands और policy signals इन उम्मीदों को मजबूत करते हैं
- नई सरकार का पहला बजट हो तो expectations और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं
Analyst View Budget के बाद Market का मिजाज
Market analyst Deepak Jasani के अनुसार
- Budget के बाद वाला महीना कई बार बजट से पहले वाले महीने की चाल से उलट हो सकता है
- असली market reaction बजट के बाद के हफ्ते में दिखती है, जब निवेशक Finance Minister के explanations और detailed analysis करते हैं
Short Term Rally vs Long Term Reality
इतिहास बताता है कि
- Budget से पहले उम्मीदों के दम पर market rally आती है
- Budget के बाद अक्सर profit booking देखने को मिलती है
इसी वजह से short term returns कमजोर नजर आते हैं।
Experts मानते हैं कि बाजार आमतौर पर reform-oriented budget की उम्मीद करता है, लेकिन हाल के वर्षों में कई बजट इन ऊंची अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरे नहीं उतर पाए।
निष्कर्ष
Union Budget short term में volatility जरूर लाता है, लेकिन long term investors के लिए equity market ने हमेशा बेहतर अवसर दिए हैं। इसलिए निवेश में फैसले लेते समय short term noise के बजाय long term fundamentals पर ध्यान देना ज्यादा समझदारी भरा कदम माना जाता है।
