Vedanta Demerger पर NCLT में सुनवाई पूरी शेयर 52-Week High पर
वेदांता लिमिटेड (Vedanta Ltd) के डिमर्जर (Demerger) को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। National Company Law Tribunal (NCLT) में कंपनी के डिमर्जर से जुड़ी सुनवाई पूरी हो गई है। इस खबर ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया, जिसके चलते Vedanta Share में जोरदार खरीदारी देखी गई।
शेयर करीब 3% उछलकर ₹535.60 के 52-week हाई तक पहुंच गया — जो पिछले एक साल का नया रिकॉर्ड है। हालांकि थोड़ी मुनाफावसूली के बाद शेयर ₹533.80 पर बंद हुआ, लेकिन अब भी मजबूत स्थिति में बना हुआ है।
NCLT में Vedanta Demerger पर क्या हुआ?
12 नवंबर 2025 को बाजार बंद होने के बाद हुई सुनवाई में NCLT ने दोनों पक्षों की दलीलें सुन लीं और फैसला सुरक्षित (Reserved) रख लिया। हालांकि, अगली तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है।
सरकार का तर्क
भारत सरकार ने डिमर्जर का विरोध करते हुए कहा कि वेदांता पर ₹16,700 करोड़ का बकाया है। डिमर्जर से पहले कंपनी के पास ₹2 लाख करोड़ की Asset Base थी, जबकि अब Oil & Gas Business की संपत्ति घटकर ₹29,000 करोड़ रह जाएगी।
वेदांता का जवाब
कंपनी ने कहा कि सरकार के दावे उसके Oil & Gas Assets के मुकाबले 1.8 गुना हैं, इसलिए भुगतान में किसी प्रकार का जोखिम नहीं है।
Government के और आरोप
सरकार ने आरोप लगाया कि वेदांता ने कुछ दावों का खुलासा नहीं किया है, जिन पर Arbitration चल रही है — जिनकी राशि $22.2–100 करोड़ तक हो सकती है।
वेदांता ने सफाई दी कि जब तक कोई दावा अदालत द्वारा मान्य नहीं होता, तब तक उसका खुलासा आवश्यक नहीं है।

Vedanta Share Performance पिछले एक साल में शानदार बढ़त
वेदांता के शेयरों ने पिछले 12 महीनों में शानदार प्रदर्शन किया है।
- 7 अप्रैल 2025 ₹362.20 (52-week Low)
- 13 नवंबर 2025 ₹535.60 (52-week High)
- यानी लगभग 48% की बढ़त सिर्फ सात महीनों में।
Shareholding Pattern (सितंबर 2025)
- Promoters Holding 56.38%
- Public Shareholders 43.49%
- Retail Investors 11.4% (20 लाख से अधिक निवेशक)
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर NCLT का फैसला वेदांता के पक्ष में आता है, तो कंपनी का डिमर्जर उसके अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स की वैल्यू अनलॉक करेगा। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि शेयर में लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
