Apollo Micro Systems ₹3,322 करोड़ जुटाने की तैयारी में
डिफेंस सेक्टर की कंपनी Apollo Micro Systems एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है। कंपनी के बोर्ड ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए 3,322 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने की योजना को मंजूरी दी है। हालांकि, इतनी बड़ी फंड जुटाने की घोषणा के बावजूद मंगलवार के कारोबार में कंपनी के शेयर में करीब 6% की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, प्रेफरेंशियल इश्यू के बाद संभावित इक्विटी डायल्यूशन (Equity Dilution) और हालिया तेज़ी के बाद मुनाफावसूली जैसे कारण शेयर पर दबाव बना सकते हैं। हालांकि, निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल किस तरह करती है।
प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट से ₹951 करोड़ जुटाएगी कंपनी
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, Apollo Micro Systems 55 चयनित निवेशकों को 2.28 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। इन शेयरों का निर्गम मूल्य ₹416.60 प्रति शेयर तय किया गया है, जिससे कंपनी लगभग ₹951 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है।
इस इश्यू में कई प्रमुख संस्थागत निवेशक शामिल हैं। इनमें
- Cent Capital Fund को 50 लाख शेयर आवंटित किए जाएंगे।
- Tata Mutual Fund को 12 लाख शेयर दिए जाएंगे।
- इसके अलावा कई अन्य संस्थागत और निजी निवेशक भी इस इश्यू का हिस्सा होंगे।
कन्वर्टिबल वारंट के जरिए जुटाए जाएंगे ₹2,371 करोड़
इक्विटी शेयरों के अलावा कंपनी 93 निवेशकों को 5.69 करोड़ कन्वर्टिबल वारंट जारी करेगी। प्रत्येक वारंट की कीमत ₹416 तय की गई है, जिससे कंपनी लगभग ₹2,371 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखती है।
इस इश्यू में कंपनी के प्रमोटर समूह की भी भागीदारी रहेगी। प्रमोटर परिवार के सदस्य चाणक्य रेड्डी बद्दाम और कनिष्क रेड्डी बद्दाम को मिलाकर करीब 2.61 करोड़ वारंट आवंटित किए जाएंगे। प्रमोटरों की भागीदारी को कई निवेशक कंपनी के प्रति उनके भरोसे के संकेत के रूप में भी देखते हैं।
बढ़ाई गई अधिकृत शेयर पूंजी
6 जुलाई 2026 को हुई बोर्ड बैठक में कंपनी ने अपनी अथॉराइज्ड शेयर कैपिटल बढ़ाने को भी मंजूरी दी।
कंपनी अब ₹45 करोड़ की अधिकृत पूंजी को बढ़ाकर ₹63 करोड़ करेगी। इसके लिए ₹1 फेस वैल्यू वाले 18 करोड़ नए इक्विटी शेयर जोड़े जाएंगे। इन नए शेयरों को भविष्य में प्रस्तावित इक्विटी और वारंट इश्यू के लिए उपयोग किया जाएगा और इन्हें मौजूदा शेयरों के समान अधिकार प्राप्त होंगे।
4 अगस्त को होगी EGM, शेयरधारकों से मांगी जाएगी मंजूरी
Apollo Micro Systems ने बताया कि 4 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से Extraordinary General Meeting (EGM) आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में शेयरधारक प्रेफरेंशियल इश्यू और फंड जुटाने से जुड़े प्रस्तावों पर मतदान करेंगे। कंपनी के अनुसार, 28 जुलाई 2026 तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में शेयरधारक के रूप में दर्ज होंगे, वही इस मतदान में भाग लेने के पात्र होंगे।
FII की हिस्सेदारी में भी आया बड़ा उछाल
Trendlyne के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 17 जून 2026 तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की हिस्सेदारी बढ़कर 6.2% हो गई, जबकि मार्च 2026 के अंत में यह 3.6% थी।
यानी लगभग तीन महीनों के भीतर विदेशी निवेशकों ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ाई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में FII ने करीब 1 करोड़ शेयर खरीदे हैं, जो कंपनी में बढ़ती संस्थागत रुचि का संकेत माना जा सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
Apollo Micro Systems की फंड जुटाने की योजना कंपनी की भविष्य की विस्तार रणनीति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा में नए शेयर और वारंट जारी होने से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी में डायल्यूशन हो सकता है, जिस कारण अल्पावधि में शेयर पर दबाव देखने को मिल सकता है।
