Saudi Arabia ने 26 साल की सबसे बड़ी तेल कीमत कटौती
सऊदी अरब ने एशियाई ग्राहकों के लिए कच्चे तेल की कीमतों में पिछले 26 वर्षों की सबसे बड़ी कटौती का ऐलान किया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ है और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
इस घोषणा के बाद भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों Indian Oil Corporation (IOC), Bharat Petroleum (BPCL) और Hindustan Petroleum (HPCL) के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों का मानना है कि सस्ते कच्चे तेल से इन कंपनियों की लागत घट सकती है, जिससे उनके मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है।
अगस्त के लिए तेल की कीमतों में बड़ी कटौती
6 जुलाई को सऊदी अरब ने घोषणा की कि वह अगस्त 2026 के लिए एशियाई खरीदारों को बेचे जाने वाले Arab Light Crude Oil की आधिकारिक बिक्री कीमत (Official Selling Price – OSP) में 11 डॉलर प्रति बैरल की कटौती करेगा।
यह पिछले 26 वर्षों में सऊदी अरब द्वारा की गई सबसे बड़ी OSP कटौती मानी जा रही है। इस बदलाव के बाद अरब लाइट क्रूड अब ओमान/दुबई क्षेत्रीय बेंचमार्क से 1.5 डॉलर प्रति बैरल की छूट पर उपलब्ध होगा।
विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम वैश्विक मांग और आपूर्ति के बदलते संतुलन को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
भारत के लिए क्यों है यह अहम?
सऊदी अरब भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता है। जनवरी से मार्च 2026 के दौरान भारत ने सऊदी अरब से लगभग 2.59 अरब डॉलर मूल्य का कच्चा तेल आयात किया, जो देश के कुल क्रूड ऑयल आयात का करीब 16.03% था।
हालांकि, इस अवधि में रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहा और कुल आयात में उसकी हिस्सेदारी लगभग 50% रही।
ऐसे में सऊदी अरब द्वारा कीमतों में कटौती भारतीय रिफाइनरियों और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए राहत लेकर आ सकती है।
IOC, BPCL और HPCL को कैसे मिलेगा फायदा?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा असर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की खरीद लागत पर पड़ता है। यदि कंपनियों को कम कीमत पर कच्चा तेल मिलता है, तो उनकी रिफाइनिंग लागत घट सकती है और फ्यूल मार्केटिंग मार्जिन बेहतर हो सकता है।
यही वजह है कि सऊदी अरब की घोषणा के बाद IOC, BPCL और HPCL के शेयरों में सकारात्मक रुख देखने को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो इन कंपनियों की लाभप्रदता में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
ICICI Securities की क्या है राय?
ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities के अनुसार, मौजूदा कच्चे तेल की कीमतों के स्तर पर भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियां प्रति लीटर लगभग 8 से 10 रुपये का रिटेल फ्यूल मार्जिन बनाए रखने की स्थिति में हैं।
ब्रोकरेज का यह भी मानना है कि यदि वैश्विक बाजार की मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो अगले 12 महीनों में IOC, BPCL और HPCL जैसी कंपनियों की कमाई में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
सऊदी अरब की ओर से तेल कीमतों में की गई बड़ी कटौती भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए सकारात्मक मानी जा रही है। कम इनपुट लागत और बेहतर मार्जिन इन कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन को मजबूती दे सकते हैं।
