BLS International Services को Delhi High Court से बड़ी राहत, MEA का Ban खत्म
वीजा और पासपोर्ट आउटसोर्सिंग से जुड़ी कंपनी BLS International Services Ltd को Delhi High Court से बड़ी कानूनी राहत मिली है। कोर्ट ने Ministry of External Affairs (MEA) के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें कंपनी को मंत्रालय और विदेशों में स्थित Indian Missions के future tenders में 2 साल तक हिस्सा लेने से रोका गया था।
इस फैसले के साथ ही कंपनी पर लगाया गया प्रतिबंध पूरी तरह समाप्त हो गया है।
Positive News से शेयरों में तेज उछाल
High Court के इस फैसले का सीधा असर शेयर बाजार में देखने को मिला।
- 19 दिसंबर को BSE पर
- BLS International का शेयर 7.4% तक चढ़कर ₹340 के day high तक पहुंच गया
इस तेजी से निवेशकों के sentiment में साफ सुधार नजर आया।

High Court का फैसला और Writ Petition
कंपनी ने एक दिन पहले ही stock exchanges को सूचित किया था कि उसने MEA के आदेश को Delhi High Court में writ petition के जरिए चुनौती दी है।
अब कोर्ट ने
- MEA के 2 साल के ban order को पूरी तरह रद्द कर दिया
- कंपनी को फिर से MEA और overseas Indian Missions के tenders में भाग लेने की अनुमति दे दी
यह फैसला BLS International के business के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
🏛️ MEA का पुराना आदेश क्या था?
कंपनी ने 11 अक्टूबर 2025 की exchange filing में बताया था कि:
- MEA ने कुछ court cases
- Applicants की complaints
- और अन्य आरोपों का हवाला देते हुए
BLS International को future tenders से बाहर करने का आदेश दिया था।
अब High Court ने इस कार्रवाई को निरस्त कर दिया है।
BLS International Share Performance
- Market Capitalisation लगभग ₹13,600 करोड़
- Face Value ₹1
- 1 साल में रिटर्न करीब 33% की गिरावट
Promoter Holding
- September 2025 के अंत तक promoters की हिस्सेदारी: 70.39%
Financial Performance Snapshot
September 2025 Quarter (Standalone)
- Revenue ₹46 करोड़
- Net Profit ₹4.90 करोड़
FY2025
- Revenue: ₹138.49 करोड़
- Net Profit: ₹21.97 करोड़
Investors के लिए इस फैसले का क्या मतलब?
Delhi High Court के इस फैसले से
- BLS International के लिए future growth के रास्ते फिर से खुल गए हैं
- कंपनी अब दोबारा MEA और overseas tenders में हिस्सा ले सकेगी
- इससे revenue visibility, order inflow और investor confidence में सुधार हो सकता है
हालांकि short-term में शेयर में तेज मूवमेंट दिख सकता है, लेकिन long-term निवेशकों को आगे new orders और execution पर नजर रखनी होगी।
