SEBI Order के खिलाफ SAT से Avadhut Sathe Trading Academy को आंशिक राहत
मार्केट रेगुलेटर SEBI के अंतरिम आदेश के खिलाफ Avadhut Sathe Trading Academy Pvt Ltd (ASTAPL), इसके promoter Avadhut Sathe और Gauri Avadhut Sathe को Securities Appellate Tribunal (SAT) से आंशिक राहत मिली है।
SAT ने ट्रेडिंग एकेडमी को एक महीने के basic expenses पूरे करने के लिए अपने bank accounts से सीमित राशि निकालने की अनुमति दी है। हालांकि यह राहत पूरी तरह अस्थायी (temporary) है और मामले की अगली hearing 9 जनवरी को तय की गई है।
SAT का अंतरिम आदेश क्या है?
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद SAT ने अंतरिम व्यवस्था के तहत आदेश दिया कि—
- Avadhut Sathe Trading Academy इस महीने
- अधिकतम ₹2.25 करोड़
- अपने bank accounts से निकाल सकती है
ट्रिब्यूनल ने कहा कि holidays और operational जरूरतों को देखते हुए तत्काल व्यवस्था जरूरी है, इसलिए इसी सीमा तक accounts को de-freeze किया जाएगा।
एकेडमी की मांग और SEBI की आपत्ति
इससे पहले ASTAPL ने

- Monthly expenses के लिए
- ₹5.25 करोड़ निकालने की अनुमति मांगी थी
हालांकि SEBI ने इसका विरोध किया। regulator का कहना था कि—
- करीब ₹2 करोड़ advertising
- और लगभग ₹1 करोड़ seminars
के लिए मांगे गए हैं, जिन्हें basic expenses की श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सकता।
SEBI का आरोप क्या है?
SEBI ने 4 दिसंबर के अपने अंतरिम आदेश में आरोप लगाया था कि:
- Avadhut Sathe Trading Academy
- खुद को stock market education platform बताकर
- बिना registration के
- Investment Advisor (IA) और Research Analyst (RA) जैसी सेवाएं दे रही थी
इसी आधार पर SEBI ने—
- एकेडमी और promoters को securities market में भाग लेने से रोका
- course fees वसूलने और live trading sessions पर रोक लगाई
- कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से कमाए गए
₹601 करोड़ को जब्त (impound) करने का आदेश दिया
Avadhut Sathe की दलील “बिना सुनवाई फैसला”
एकेडमी की ओर से पेश Senior Advocate Janak Dwarkadas ने SEBI के आदेश को बेहद कठोर बताते हुए कहा कि यह पूरे business के लिए “economic death” जैसा है।
उनका तर्क था कि—
- एकेडमी 2008 से अस्तित्व में है
- 12.5 acres land पर अपनी कमाई लगाकर infrastructure विकसित किया गया
उन्होंने कहा,
“कानून का स्थापित सिद्धांत है कि बिना सुनवाई किसी को सजा नहीं दी जा सकती।
यहां बिना trial और hearing के एकतरफा आदेश देकर 15 दिनों में ₹546 करोड़ जमा करने को कहा गया और bank accounts freeze कर दिए गए।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि SEBI का पूरा मामला
3.5 लाख students में से सिर्फ 12 complaints पर आधारित है।
SEBI का जवाब कार्रवाई सबूतों पर आधारित
SEBI की ओर से पेश Senior Advocate Chetan Kapadia ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि regulator की कार्रवाई—
- अचानक नहीं
- बल्कि ठोस evidence
- और लंबे observation
के आधार पर की गई है।
उन्होंने बताया कि—
- एक साल पहले advisory जारी की गई
- August 2025 में search and seizure operation हुआ
- academy और promoters के परिसरों से material जब्त किया गया
जांच में सामने आया कि teachers छात्रों को बताते थे—
- क्या खरीदना है
- क्या बेचना है
- कैसे खरीदना है और कैसे बेचना है
जो बिना IA और RA registration के नियमों का उल्लंघन है।
SEBI के निष्कर्षों को ASTAPL की चुनौती
ASTAPL ने SAT में दायर appeal में
- SEBI के 4 दिसंबर के आदेश को रद्द करने की मांग की है
एकेडमी का दावा है कि—
- SEBI के निष्कर्ष data misinterpretation पर आधारित हैं
- खासकर student trading results के इस्तेमाल को लेकर
एकेडमी ने यह भी कहा कि SEBI ने—
- FY25 और FY26 में
- करीब ₹1.89 करोड़ के नुकसान की बात कही
जबकि audited numbers
₹1.39 करोड़ का profit दिखाते हैं।
एकेडमी के मुताबिक, ऐसी गड़बड़ियां interim order की credibility को कमजोर करती हैं।
WhatsApp Chats को लेकर विवाद
अपील का एक अहम मुद्दा WhatsApp chats भी हैं।
ASTAPL का कहना है कि—
- ये chats सिर्फ mentorship batches तक सीमित थीं
- advertised course structure का हिस्सा नहीं थीं
- इन्हें investment advisory नहीं
- बल्कि community interaction के तौर पर चलाया गया था
SEBI का पलटवार और जांच का दावा
हालांकि SEBI ने अपने 125-page interim order में कहा है कि—
- August 2025 की video recordings
- complaints
- search and seizure operation
के आधार पर यह साफ हुआ कि live sessions में—
- stock-specific recommendations
- targets
- stop-loss
- और option strategies
नियमित रूप से साझा की जाती थीं।
Search and Seizure Operation की पृष्ठभूमि
इस पूरे मामले को सबसे पहले Moneycontrol ने रिपोर्ट किया था, जिसमें बताया गया कि—
- SEBI ने अगस्त में
- मुंबई के पास Karjat स्थित
- Avadhut Sathe Trading Academy
में search and seizure operation चलाया था।
आगे की राह
फिलहाल SAT से मिली राहत केवल अस्थायी है।
अब बाजार और निवेशकों की नजरें 9 जनवरी की hearing पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि—
- SEBI के अंतरिम आदेश पर
- आगे क्या रुख अपनाया जाता है
यह मामला आने वाले समय में stock market education space के लिए एक अहम precedent बन सकता है।
