BSE ने 57 कंपनियों पर नए Price Band लगाए असामान्य ट्रेडिंग पर रोक के लिए कदम
27 अक्टूबर 2025 से लागू होंगे नए सर्किट लिमिट्स
Bombay Stock Exchange (BSE) ने सोमवार को घोषणा की कि वह 57 कंपनियों के शेयरों पर नए Price Band (सर्किट लिमिट) लगाएगा। ये बदलाव 27 अक्टूबर 2025 से लागू होंगे।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य है — असामान्य ट्रेडिंग गतिविधियों (Unusual Trading Activity) पर नियंत्रण रखना और निवेशकों को संभावित जोखिमों से बचाना।
क्यों लगाए जाते हैं Price Band?
Price Band किसी शेयर की एक दिन की अधिकतम और न्यूनतम Price Movement को नियंत्रित करता है।
जब किसी स्टॉक में अचानक बहुत तेज उतार-चढ़ाव (Volatility) देखा जाता है, तो BSE उस पर सख्त Price Band लागू कर देता है ताकि मार्केट में Panic या Manipulation की स्थिति न बने।
BSE का Surveillance Mechanism
BSE के पास एक Regular Surveillance Mechanism है, जिसके जरिए वह उन शेयरों को चिन्हित करता है जिनमें Volume या Price में अचानक उछाल या गिरावट आती है।
ऐसे मामलों में एक्सचेंज शेयर पर 2%, 5% या 10% तक का Reduced Price Band लगा सकता है।

BSE के प्रमुख Surveillance उपाय
- Price Band Reduction
किसी शेयर की Price Movement को सीमित करने के लिए सर्किट लिमिट घटाई जाती है। - Trade-to-Trade Segment
इस सेगमेंट में रखे गए शेयरों में हर ट्रेड की डिलीवरी अनिवार्य होती है, जिससे Speculative Trading कम होती है। - Special Margin
यदि किसी शेयर में असामान्य Price Movement या Volume बढ़ता है, तो 25%, 50% या 75% तक का Margin लगाया जा सकता है। - Suspension
ज़रूरत पड़ने पर किसी Stock या Member को अस्थायी रूप से Suspend भी किया जा सकता है।
Special Margin का उद्देश्य
जब किसी शेयर की कीमत या ट्रेडिंग वॉल्यूम में अचानक तेजी आती है, तो BSE Special Margin लागू करता है।
इसका उद्देश्य है —
- Market Manipulation को रोकना
- Fake News या Rumors से निवेशकों को नुकसान से बचाना
निष्कर्ष
Price Band या Circuit Limit शेयर मार्केट में एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।
यह न केवल निवेशकों के हितों की रक्षा करता है, बल्कि मार्केट में Fair Trading Environment बनाए रखने में भी मदद करता है।
